DGCA ने जारी किया 'हाई अलर्ट' निर्देश ; इन एयरस्पेस से दूर रहेंगी फ्लाइट्स, बदलेंगे रूट और टाइम
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत से खाड़ी देशों के लिए उड़ानें जारी हैं। DGCA ने कई संवेदनशील हवाई क्षेत्रों से बचने और ऊंचाई संबंधी निर्देश जारी किए हैं, जिससे उड़ानों में देरी, रूट बदलाव और यात्रियों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।

इंडिगो एयरलाइन
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भी भारत और खाड़ी देशों के बीच हवाई संपर्क पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। दुबई जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं, लेकिन हालात पहले जैसे नहीं हैं। उड़ानों का संचालन अब पहले की तुलना में अधिक सतर्कता, लगातार समीक्षा और त्वरित बदलावों के साथ किया जा रहा है, जिससे यात्रियों के लिए यात्रा का अनुभव अधिक अनिश्चित हो गया है।
एयरलाइंस जिनमें इंडिगो, एयर इंडिया और एयरएशिया शामिल हैं सीमित लेकिन नियमित उड़ानें संचालित कर रही हैं। हालांकि, इन उड़ानों की आवृत्ति और समय-सारणी को क्षेत्रीय हालात के अनुसार प्रतिदिन समायोजित किया जा रहा है। यही वजह है कि यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में लचीलापन बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
इंडिगो ने अपने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जांच लें। साथ ही, एयरलाइन ने यह भी चेतावनी दी है कि बदलते हवाई क्षेत्र की परिस्थितियों के कारण अंतिम समय में देरी या बदलाव संभव हैं। यह सतर्कता न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि बदलते हालात के बीच संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
इस बीच, भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एयरलाइंस के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। DGCA ने पश्चिम एशिया के नौ संवेदनशील हवाई क्षेत्रों से उड़ानें न गुजरने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:
- बहरीन, ईरान, इराक
- इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत
- लेबनान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
इसके अतिरिक्त, नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि ओमान और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर उड़ानें संचालित की जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए विशेष ऊंचाई मानकों का पालन अनिवार्य होगा। एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे इन क्षेत्रों में 32,000 फीट (FL 320) से नीचे उड़ान न भरें। यह कदम संभावित जोखिमों को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इन निर्देशों के कारण कई उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे यात्रा की अवधि बढ़ रही है और परिचालन लागत में भी इजाफा हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को न केवल लंबी उड़ानों का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि टिकट कीमतों में भी संभावित वृद्धि देखी जा सकती है। कुल मिलाकर, वर्तमान परिस्थितियों में हवाई यात्रा पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन यह पहले की तरह सहज भी नहीं रही। अचानक रद्द होने, समय में बदलाव और लंबी उड़ानों की संभावना ने यात्रियों के लिए अनिश्चितता बढ़ा दी है।
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बीच, भारत और इस क्षेत्र के बीच हवाई संपर्क का जारी रहना एक महत्वपूर्ण संकेत है जहां एक ओर कनेक्टिविटी बनाए रखने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा रहा। एयरलाइंस और नियामक संस्थाएं लगातार बदलते परिदृश्य के अनुसार फैसले ले रही हैं, जो इस संवेदनशील समय में संतुलन बनाए रखने की चुनौती को दर्शाता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
