डीजल और फ्यूल ऑयल खत्म होने से क्यूबा का पावर ग्रिड दबाव में, Havana समेत कई शहरों में 22 घंटे तक बिजली कटौती

Cuba fuel crisis 2026 : Cuba इस समय अपने पिछले कई दशकों के सबसे गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि देश में डीजल और फ्यूल ऑयल का लगभग पूरा भंडार समाप्त हो गया है, जिसके कारण राजधानी Havana समेत कई बड़े शहरों में लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है। लगातार बढ़ते इस संकट ने आम नागरिकों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और देश की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्यूबा के ऊर्जा मंत्री Vicente de la O ने सरकारी मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि देश के पास अब न तो पर्याप्त डीजल बचा है और न ही फ्यूल ऑयल का कोई रिजर्व स्टॉक मौजूद है। उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय बिजली ग्रिड बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है और मौजूदा हालात में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मंत्री के अनुसार देश का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार दबाव में काम कर रहा है और किसी भी समय व्यापक स्तर पर ग्रिड फेल होने का खतरा बना हुआ है।

राजधानी Havana और अन्य प्रांतों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। कई इलाकों में लोगों को प्रतिदिन 20 से 22 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। लगातार अंधेरे में डूबे घरों, बंद होती दुकानों और ठप पड़ती आवश्यक सेवाओं ने आम नागरिकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। पहले से ही खाद्य सामग्री, दवाइयों और ईंधन की भारी कमी झेल रहे लोगों के लिए यह संकट अब मानवीय समस्या का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

सरकार का कहना है कि फिलहाल देश का बिजली उत्पादन घरेलू कच्चे तेल, सीमित प्राकृतिक गैस और रिन्यूएबल एनर्जी के सहारे चलाया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा संसाधन राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। यही कारण है कि बिजली उत्पादन क्षमता लगातार गिरती जा रही है और ग्रिड की अस्थिरता संकट को और गहरा कर रही है।

बीते दो वर्षों में क्यूबा ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से निवेश किया था और लगभग 1,300 मेगावाट की नई सोलर क्षमता विकसित की गई। सरकार को उम्मीद थी कि इससे ऊर्जा निर्भरता कम होगी, लेकिन ईंधन की भारी कमी और पुराने बिजली ग्रिड की खराब हालत के कारण इसका पूरा लाभ नहीं मिल सका। कई सोलर प्रोजेक्ट तकनीकी बाधाओं और वितरण नेटवर्क की कमजोरी के चलते प्रभावी रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं।

इस संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। क्यूबा को लंबे समय तक तेल सप्लाई करने वाले प्रमुख सहयोगी देशों Mexico और Venezuela ने जनवरी 2026 के बाद ईंधन आपूर्ति लगभग रोक दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बदलाव Donald Trump के नए आदेशों और क्षेत्रीय दबावों के बाद सामने आया, जिसने क्यूबा की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर रूप से प्रभावित किया।

ऊर्जा मंत्री Vicente de la O ने स्पष्ट कहा है कि क्यूबा अब किसी भी ऐसे देश से तेल खरीदने को तैयार है जो उसे ईंधन बेचने के लिए सहमत हो। हालांकि वैश्विक आर्थिक दबाव, प्रतिबंधों और भुगतान संबंधी चुनौतियों के कारण क्यूबा के लिए नए सप्लायर खोजना आसान नहीं माना जा रहा।

लगातार बढ़ते इस ऊर्जा संकट ने क्यूबा की कमजोर अर्थव्यवस्था और पुरानी ऊर्जा व्यवस्था की सीमाओं को एक बार फिर उजागर कर दिया है। लंबे समय तक चलने वाली बिजली कटौती और ईंधन की कमी ने देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यदि ईंधन आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो यह संकट क्यूबा के लिए और भी गंभीर राष्ट्रीय आपातकाल का रूप ले सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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