US-Iran Conflict : खाड़ी देशों में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब उस चरम बिंदु पर पहुँच गया है जहाँ से कूटनीतिक वापसी के सभी रास्ते बंद नजर आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता पूरी तरह निलंबित कर दी गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी सैन्य हस्तक्षेप की धमकी और ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के पलटवार ने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं।

ट्रंप का प्रदर्शनकारियों को संदेश: "मदद रास्ते में है"

इस संकट की शुरुआत राष्ट्रपति ट्रंप के उस आक्रामक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने ईरान में जारी आंतरिक प्रदर्शनों का खुलकर समर्थन किया। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से अपनी संस्थाओं पर कब्जा करने की अपील करते हुए कहा, "अपना प्रदर्शन जारी रखो, आपकी मदद रास्ते में है।" * बैठकें रद्द: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होती, वे ईरानी अधिकारियों के साथ किसी भी मंच पर वार्ता नहीं करेंगे।

अत्याचारियों की सूची: ट्रंप ने ईरानी जनता से प्रदर्शनकारियों पर जुल्म ढाने वालों के नाम सूचीबद्ध करने को कहा है, ताकि उन्हें "भारी कीमत" चुकानी पड़े।

तेहरान की जवाबी कार्रवाई और पड़ोसी देशों को चेतावनी :

ईरान ने अमेरिकी धमकियों के आगे झुकने के बजाय युद्ध का रुख अपनाया है। तेहरान ने न केवल अमेरिका को, बल्कि उन पड़ोसी देशों को भी कड़ी चेतावनी दी है जो अमेरिकी सैनिकों या हवाई अड्डों को अपनी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति दे रहे हैं।

सैन्य ठिकानों पर खतरा: ईरान ने एलान किया है कि यदि वाशिंगटन ने हमला किया, तो वह मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण जवाबी कार्रवाई करेगा।

निकासी की सलाह: तनाव की गंभीरता को देखते हुए खाड़ी देशों में स्थित प्रमुख अमेरिकी हवाई अड्डों से गैर-जरूरी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

परमाणु समझौता खटाई में: पिछले एक साल से इजरायल और यूरोपीय देशों के सहयोग से चल रही परमाणु डील की कोशिशें अब पूरी तरह विफल होती दिख रही हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की इमरजेंसी एडवाइजरी :

युद्ध की आहट को भांपते हुए भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।

भारतीयों के लिए निर्देश: MEA ने कहा कि जो नागरिक अभी वहां मौजूद हैं, वे किसी भी प्रकार की रैलियों या विरोध प्रदर्शनों से दूर रहें।

दूतावास के संपर्क में रहें: नागरिकों से अपील की गई है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में रहें और अपने यात्रा संबंधी दस्तावेज तैयार रखें।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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