मौत के गलियारे को चीरकर निकला फ्रांसीसी CMA CGM Kribi जहाज; जाने कैसे ?
ईरान युद्ध के बीच फ्रांस के जहाज 'CMA CGM Kribi' ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला पश्चिमी जहाज है जिसने यह जोखिम उठाया।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और होर्मुज जलडमरूमध्य का मानचित्र, जहाँ से युद्ध के दौरान फ्रांसीसी मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से गुजरा है।
CMA CGM Kribi Strait of Hormuz transit news : पश्चिमी एशिया के अशांत जलक्षेत्र और ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर आज एक ऐसी घटना घटी है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महीनों से ठप पड़े 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के रणनीतिक मार्ग से फ्रांस के स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज 'सीएमए सीजीएम क्रिबी' (CMA CGM Kribi) ने सफलतापूर्वक पारगमन कर एक नया इतिहास रच दिया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से यह पहला मौका है जब पश्चिमी यूरोप या फ्रांस से जुड़ा कोई वाणिज्यिक जहाज इस बेहद संवेदनशील और खतरनाक समुद्री गलियारे से सुरक्षित बाहर निकला है।
समुद्री यातायात के आंकड़ों (Marine Traffic Data) के अनुसार, माल्टा के ध्वज वाले इस विशालकाय जहाज ने दुबई के तट से अपनी यात्रा शुरू की थी। युद्ध के साये में अपनी पहचान छिपाने के बजाय, इस पोत ने अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करते हुए खुले तौर पर अपना मार्ग प्रसारित किया। चुनौतीपूर्ण नेविगेशन के बीच, यह जहाज ईरानी तट के बेहद करीब से गुजरते हुए 'केशम' (Qeshm) और 'लारक' (Larak) द्वीपों के बीच स्थित संकरे चैनल से गुजरा और सुरक्षित रूप से मस्कट के तट तक जा पहुँचा। जानकारों का मानना है कि इस मार्ग का चयन और सफल पारगमन तेहरान की मौन स्वीकृति या किसी कूटनीतिक तालमेल के बिना संभव नहीं था।
रक्षा और समुद्री मामलों के विशेषज्ञों के लिए यह घटनाक्रम किसी आश्चर्य से कम नहीं है, क्योंकि युद्ध छिड़ने के बाद से ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बेहद सख्त कर ली थी। दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जो युद्ध के कारण हफ्तों से लगभग बंद पड़ा था। इस सफल पारगमन से पहले केवल चीन और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को ही यहाँ से गुजरने की अनुमति मिलने की खबरें थीं। 'सीएमए सीजीएम क्रिबी' की सफलता ने अब पश्चिमी देशों के लिए भी इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग के फिर से खुलने की धुंधली सी उम्मीद जगा दी है।
JUST IN: 🇫🇷🇮🇷 French ship successfully crosses the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/DQPzpEmB3w
— BRICS News (@BRICSinfo) April 3, 2026
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर फ्रांस के विदेश मंत्रालय और सीएमए सीजीएम कंपनी ने फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन भू-राजनीतिक स्तर पर इसे एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। क्या यह युद्ध की तीव्रता में कमी का संकेत है या फ्रांस और ईरान के बीच किसी पर्दे के पीछे चल रही बातचीत का नतीजा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिर भी, एक ऐसे समय में जब खाड़ी क्षेत्र बारूद की गंध से भरा हुआ है, एक यूरोपीय जहाज का शांतिपूर्ण तरीके से 'मौत के गलियारे' को पार कर लेना वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए राहत की एक बड़ी खबर साबित हो सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
