चीन ने दिया भारत को सरप्राइज़ गिफ्ट; रेअर अर्थ मिनरल्स पर अमेरिका में मची खलबली
रेयर अर्थ मिनरल्स पर चीन का बड़ा फैसला अब भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर हाई-टेक ड्रोन तक, इन खनिजों पर नई साझेदारी ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है।

30 अक्टूबर 2025 को विदेश मंत्रालय ने भारत - चीन व्यापारिक संबंध के बारे में नई जानकारी दी है। उन्होने कहा रेअर अर्थ मिनरल्स के आयात- निर्यात के लिए चीन भारतीय कंपनियों को लायसेंस प्रदान करने वाला है। यह भारत की दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की आपूर्ति पर प्रतिबंधों की ढील भारत के लिए फायदे मंद है। यह ढील ऐसे समय मिली है जब दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को समान्य बनाने की कोशिश में है। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चार साल से अधिक समय तक सैन्य गतिरोध के कारण दोनों देशों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। चलिए जानते है इस बारे में विस्तार से।
भारत और चीन के बीच आर्थिक रिश्तों में नई हलचल देखने को मिल रही है। लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच अब बीजिंग की ओर से भारत को एक बड़ा संकेत मिला है। चीन ने कुछ भारतीय कंपनियों को रेयर अर्थ मिनरल्स के आयात के लिए लाइसेंस जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ कंपनियों को यह अनुमति मिली है, हालांकि उन्होंने फिलहाल इससे जुड़ी अधिक जानकारी साझा नहीं की।
रेयर अर्थ मिनरल्स यानी दुर्लभ पृथ्वी खनिज आज की तकनीकी दुनिया की रीढ़ माने जाते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों, ड्रोन, सैटेलाइट्स और बैटरी स्टोरेज जैसी हाई-टेक इंडस्ट्री में इन खनिजों का अहम इस्तेमाल होता है। दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक स्तर पर इन खनिजों के उत्पादन और आपूर्ति में चीन की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है। ऐसे में भारत को दिए गए आयात लाइसेंस को दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बीते साल चीन ने कई देशों को रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति रोक दी थी, जिससे वैश्विक स्तर पर उद्योगों में हलचल मच गई थी। हालांकि जून 2024 में चीन ने ये प्रतिबंध हटा लिए थे, लेकिन भारत को निर्यात फिर से शुरू करने के नियमों में कोई राहत नहीं दी गई थी। अब जब भारतीय कंपनियों को फिर से लाइसेंस मिले हैं, तो इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
यह फैसला उस समय आया है जब बीजिंग ने दो हफ्ते पहले लिथियम बैटरी और सुपरहार्ड सामग्री से जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी। इसके बावजूद भारत को आयात की अनुमति देना इस बात का संकेत है कि चीन, भारत के साथ आर्थिक संवाद को फिर से जीवित करना चाहता है।
पिछले कुछ महीनों में भारत और चीन ने आपसी रिश्तों में सुधार के लिए कई पहलें की हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने और भारत द्वारा चीनी नागरिकों को पर्यटक वीज़ा जारी करने जैसे कदम शामिल हैं। इन हालिया घटनाओं के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर आई यह खबर दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
