नेपाल इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर राजनीतिक संकटों में से एक से गुजर रहा है। राजधानी काठमांडू और कई बड़े शहरों में बीते दिनों से चल रहे Nepal Protest ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों से नाराज हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू किया। हालात इतने बिगड़े कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा और अब देश की कमान नेपाली सेना के हाथों में है।


सेना ने प्रदर्शनकारियों को दी चेतावनी :


नेपाल आर्मी चीफ अशोक राज सिगडेल ने मंगलवार देर रात प्रदर्शनकारियों को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हथियार और गोला-बारूद लूटने वालों को तुरंत उन्हें वापस करना चाहिए। सेना ने साफ किया कि हिंसा और आगजनी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सेना संवाद के लिए तैयार है और समस्या का समाधान बातचीत से खोजा जाएगा।



काठमांडू एयरपोर्ट बंद, उड़ानें रद्द :


Nepal Protest का असर देश की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। काठमांडू का त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट समेत सभी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। रोजाना चलने वाली 250 से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। इससे नेपाल आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



कर्फ्यू और सेना की तैनाती :


काठमांडू में हालात काबू से बाहर होने के बाद प्रशासन ने अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। सुबह 5 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 6 बजे तक सख्त कर्फ्यू रहेगा। सड़कों पर सेना के जवान गश्त कर रहे हैं और राष्ट्रपति भवन समेत सभी महत्वपूर्ण इलाकों पर सेना की तैनाती की गई है।


मीडिया हाउस पर हमला, कई मरे :


प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में एक मीडिया हाउस की बिल्डिंग में आग लगा दी। बुधवार को भी वहां से धुआं उठता रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा घायल हैं। घायलों को राजधानी और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।


सोशल मीडिया बैन बना चिंगारी :


दरअसल, नेपाल सरकार ने कुछ दिन पहले फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर) और व्हाट्सऐप समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। इसी फैसले ने Nepal Protest की चिंगारी को और भड़का दिया। हजारों छात्रों और युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया और सड़कों पर उतर आए। भारी हिंसा के बाद सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म दोबारा शुरू कर दिए गए।



भविष्य पर सवाल :


नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. केआई सिंह के पोते यशवंत शाह ने कहा कि नेपाल लंबे समय से भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है। अच्छे पर्यटन और व्यापार की संभावना होने के बावजूद यहां की जनता गरीबी से परेशान है। उनका कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो Nepal Protest और ज्यादा उग्र हो सकता है। फिलहाल काठमांडू में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों में बंद हैं और सेना पूरी तरह से हालात पर नजर बनाए हुए है। नेपाल में अंतरिम सरकार बनाने पर विचार चल रहा है लेकिन देश की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल बने हुए हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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