बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा से पहले “डोनाल्ड ट्रंप” नाम का दुर्लभ अल्बिनो भैंसा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गुलाबी रंग, सुनहरे बाल और शांत स्वभाव वाले इस 600-700 किलो के भैंसे को देखने के लिए नारायणगंज में भारी भीड़ उमड़ी। आखिरकार इसे कुर्बानी के लिए 3.25 लाख टका में खरीदा गया।

बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा से पहले एक दुर्लभ अल्बिनो भैंसा अचानक देशभर में चर्चा का केंद्र बन गया है। अपने गुलाबी-सफेद रंग, सुनहरे बालों और अनोखे अंदाज़ की वजह से इस भैंसे को लोग मजाकिया अंदाज़ में “डोनाल्ड ट्रंप” कहने लगे। देखते ही देखते यह भैंसा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ ढाका के पास नारायणगंज स्थित एक फार्म पर जुटने लगी।

करीब 600 से 700 किलोग्राम वजनी इस दुर्लभ अल्बिनो भैंसे की सबसे खास पहचान उसके माथे पर लहराते सुनहरे बाल हैं, जिन्हें देखकर लोग अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल से तुलना कर रहे हैं। गुलाबी त्वचा और शांत स्वभाव वाले इस भैंसे की तस्वीरें और वीडियो 20 मई के आसपास सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद यह देशभर में आकर्षण का केंद्र बन गया।

बांग्लादेश में 'डोनाल्ड ट्रंप' नाम का दुर्लभ अल्बिनो भैंसा

यह भैंसा बांग्लादेश के नारायणगंज जिले में स्थित राबेया एग्रो फार्म में रखा गया था। फार्म मालिक जियाउद्दीन मृधा ने बताया कि उनके छोटे भाई ने मजाक में इसका नाम “डोनाल्ड ट्रंप” रख दिया था, क्योंकि इसके सुनहरे बाल ट्रंप के हेयरस्टाइल जैसे दिखाई देते थे। इसके बाद यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि लोग दूर-दूर से सिर्फ इस भैंसे को देखने और उसके साथ तस्वीरें खिंचवाने आने लगे।

ईद-उल-अजहा के दौरान बांग्लादेश में बड़े और अनोखे पशुओं की खरीद-बिक्री का विशेष महत्व होता है। इसी कारण हर साल कई फार्म अलग-अलग खास नस्लों और दुर्लभ जानवरों को लोगों के सामने पेश करते हैं। लेकिन इस बार “डोनाल्ड ट्रंप” नाम के इस अल्बिनो भैंसे ने लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा।

फार्म मालिक के अनुसार, इस भैंसे की विशेष देखभाल की जाती थी। उसे दिन में चार बार नहलाया जाता था, चार बार भोजन दिया जाता था और उसके सुनहरे बालों को नियमित रूप से संवारकर रखा जाता था ताकि उसकी अनोखी पहचान बनी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि अल्बिनो भैंसे सामान्यतः शांत स्वभाव के होते हैं और बिना उकसावे के आक्रामक नहीं होते।




इस वायरल भैंसे को दो महीने पहले मोहम्मद फरीदुज्जमान शेरोन नामक व्यक्ति ने लगभग 3 लाख 25 हजार टका में खरीदा था। शेरोन ने बताया कि उन्होंने यह भैंसा केवल अल्लाह की राह में कुर्बानी देने के उद्देश्य से खरीदा था। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह जानवर सोशल मीडिया पर इतनी बड़ी सनसनी बन जाएगा। उन्होंने कहा कि जब कोई पसंदीदा जानवर लोगों के बीच मशहूर हो जाए और लोग उसे देखने आएं, तो यह एक अलग तरह की खुशी देता है।

शेरोन के अनुसार, भैंसे का वजन आखिरी बार लगभग 600 किलोग्राम मापा गया था और उन्होंने इसे सामान्य लाइव-वेट कीमत 550 टका प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदा था। कुल कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार टका बनती थी, लेकिन उन्हें 5 हजार टका की छूट दी गई, जिसके बाद उन्होंने 3 लाख 25 हजार टका में सौदा पूरा किया। हालांकि यह भैंसा इंटरनेट स्टार बन चुका था, लेकिन आखिरकार इसे ईद-उल-अजहा की कुर्बानी के लिए खरीदा गया। इस्लामिक परंपरा के अनुसार, कुर्बानी का यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की आस्था और बलिदान की याद में मनाया जाता है, जिसमें जानवर की कुर्बानी देकर उसका मांस जरूरतमंदों में बांटा जाता है।

सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोग इस भैंसे की अनोखी शक्ल और “डोनाल्ड ट्रंप” नाम को लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने कुर्बानी को लेकर भावनात्मक टिप्पणियां भी कीं। इसके बावजूद बांग्लादेश में यह दुर्लभ अल्बिनो भैंसा ईद-उल-अजहा 2026 से जुड़ी सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है। अपने सुनहरे बालों और वायरल लोकप्रियता की वजह से “डोनाल्ड ट्रंप” नाम का यह भैंसा अब सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और धार्मिक परंपराओं के मेल का एक अनोखा प्रतीक बन चुका है।

Updated On 26 May 2026 3:37 PM IST
Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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