अरजनसर, राजस्थान। रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी एक दर्दनाक खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अरजनसर निवासी अजय गोदारा की युद्ध के दौरान मौत हो गई, जिसकी पुष्टि होते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। विदेश में बेहतर भविष्य के सपने लेकर निकला अजय अब तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटा, जहां उसका अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया।

परिजनों के अनुसार अजय गोदारा स्टडी वीजा पर रूस गया था। वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर उसे पैसों के लालच और दबाव में रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। परिजन दावा कर रहे हैं कि यह भर्ती स्वैच्छिक नहीं थी, बल्कि हालात और परिस्थितियों का फायदा उठाकर उसे युद्ध क्षेत्र में झोंक दिया गया।

चार महीने पहले अजय ने एक वीडियो जारी कर भारत सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। उस वीडियो में उसने रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे होने और जान को खतरा होने की बात कही थी। हालांकि, समय रहते कोई ठोस मदद नहीं पहुंच सकी और अंततः उसकी मौत की खबर ने परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया।

अजय का पार्थिव शरीर जब उसके पैतृक गांव अरजनसर पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विदेश भेजने वाले एजेंटों और गिरोहों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।

इस मामले ने एक बार फिर उन युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जो शिक्षा या रोजगार के नाम पर विदेश जाते हैं और कथित तौर पर फर्जी वादों के जाल में फंस जाते हैं। अजय गोदारा की मौत न केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह घटना विदेशों में भारतीय युवाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गहरी चोट करती नजर आ रही है।

Pratahkal Newsroom

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