Andhra Pradesh petrol crisis 2026 : ईरान और अमेरिका के बीच सुलगती सैन्य जंग ने अब सात समंदर पार भारत की दहलीज पर भी दस्तक दे दी है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर उपजे संशय के बीच दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में रविवार को भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। युद्ध की विभीषिका और ईंधन की संभावित कमी की खबरों ने आम जनमानस में इस कदर खौफ पैदा कर दिया कि राज्य के अलग-अलग जिलों में 400 से अधिक पेट्रोल पंपों को आनन-फानन में बंद करना पड़ा। विजयवाड़ा, गुंटूर और तिरुमाला जैसे प्रमुख शहरों में पेट्रोल पंपों के बाहर मील लंबी कतारें नजर आईं, जिसने प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है।

इस संकट की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के कुल 4,510 पेट्रोल पंपों में से 421 आउटलेट्स पर स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई डीलरों ने राशनिंग का सहारा लिया है, जहां दोपहिया वाहनों को मात्र 2 लीटर और कारों को 10 लीटर ईंधन तक सीमित कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने पुष्टि की है कि घबराहट में की जा रही खरीदारी के कारण सामान्य दिनों की तुलना में डीजल की बिक्री दोगुनी हो गई है। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल तिरुमाला में भी परिवहन व्यवस्था चरमरा गई, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

इस हाहाकार के पीछे का तकनीकी कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में हुई नाकेबंदी को माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही ठप है, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। हालांकि, आंध्र प्रदेश सरकार का मानना है कि वर्तमान संकट स्टॉक की कमी से ज्यादा सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और 'पैनिक बाइंग' का परिणाम है। सप्ताहांत में वायरल हुई पोस्ट्स ने जनता के बीच यह डर बैठा दिया कि आने वाले दिनों में ईंधन मिलना नामुमकिन हो जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने मुख्य सचिव और जिला कलेक्टरों के साथ उच्च स्तरीय टेलीकॉन्फ्रेंस कर सोमवार शाम तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि तेल की कालाबाजारी रोकी जाए और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाने के लिए वैकल्पिक कार्य योजना लागू की जाए। केंद्र सरकार ने हालांकि आश्वासन दिया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और नए आयात विकल्पों पर काम जारी है, लेकिन आंध्र प्रदेश की सड़कों पर उमड़ी यह भीड़ वैश्विक युद्ध के दूरगामी और डरावने आर्थिक प्रभावों की एक स्पष्ट चेतावनी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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