सीरिया में ISIS पर अमेरिका का बड़ा एक्शन; ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ में दर्जनों ठिकाने तबाह
सीरिया में ISIS के खिलाफ अमेरिका ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत बड़ा सैन्य अभियान चलाया। CENTCOM द्वारा किए गए हवाई हमलों में 35 से ज्यादा आतंकी ठिकाने तबाह किए गए और 90 से अधिक सटीक हथियारों का इस्तेमाल हुआ। यह कार्रवाई पलमायरा हमले के जवाब में की गई।

US air strike on ISIS in Syria : सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ अमेरिका ने एक बार फिर बड़ा और निर्णायक सैन्य कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत सीरिया के कई इलाकों में मौजूद ISIS के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई को क्षेत्र में आतंकवाद के नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे यह सैन्य अभियान अंजाम दिया गया। इन हमलों में सीरिया के विभिन्न हिस्सों में फैले ISIS के ठिकानों को सटीक निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए है, बल्कि अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी स्पष्ट संदेश है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की निरंतर और अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है। CENTCOM ने साफ शब्दों में कहा कि जो भी अमेरिकी सैनिकों या नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर जवाब दिया जाएगा। इस बयान को आतंकियों के लिए कड़ा और स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है।
यह सैन्य अभियान 19 दिसंबर 2025 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किया गया था। इसकी पृष्ठभूमि 13 दिसंबर 2025 को सीरिया के ऐतिहासिक शहर पलमायरा में हुए ISIS हमले से जुड़ी है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई थी। मारे गए सैनिकों में आयोवा नेशनल गार्ड के 25 वर्षीय सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस टोवार और 29 वर्षीय सार्जेंट विलियम नाथानियल हॉवर्ड शामिल थे। दोनों सैनिक उस अमेरिकी सैन्य टुकड़ी का हिस्सा थे, जिसे इसी वर्ष की शुरुआत में मध्य पूर्व में तैनात किया गया था।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अभियान के दौरान 90 से अधिक अत्याधुनिक प्रिसीजन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया गया और करीब 35 से ज्यादा आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों में दो दर्जन से अधिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ के तहत ISIS को पूरी तरह पराजित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हवाई हमले से सीरिया में सक्रिय ISIS नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले समय में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ओर से ऐसे अभियानों में तेजी आ सकती है। यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि मध्य पूर्व में आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और अमेरिका इस मोर्चे पर सख्त रुख अपनाए हुए है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
