मस्कट में आयोजित भारत–ओमान बिज़नेस फ़ोरम में भारत और ओमान के आर्थिक संबंधों ने एक नया आयाम प्राप्त किया, जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत–ओमान मुक्त व्यापार समझौते (एफ़टीए) को दोनों देशों के लिए “रणनीतिक अवसरों का सेतु” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, रत्न एवं आभूषण, एग्रोकेमिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और व्यापार को नई गति देगा।

अपने संबोधन में श्री गोयल ने ओमान की भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ओमान न केवल खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों तक पहुंच का प्रवेशद्वार है, बल्कि पूर्वी यूरोप, मध्य एशिया और अफ्रीका के बाजारों तक भारतीय कंपनियों के लिए सहज मार्ग भी प्रदान करता है। यह स्थिति भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने के साथ-साथ व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को ओमान और उससे जुड़े क्षेत्रों में अधिक बाजार हिस्सेदारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जबकि ओमान के लिए यह समझौता विश्वसनीय और विविधीकृत आपूर्ति स्रोत सुनिश्चित करेगा।

कार्यक्रम में ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री, महामहिम क़ैस अल यूसुफ़ ने भी दोनों देशों के बढ़ते आर्थिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत ओमान का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है और ओमान भारतीय निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना हुआ है। उनके अनुसार वर्ष 2020 के बाद से ओमान में भारतीय निवेश तीन गुना से अधिक बढ़कर 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।

महामहिम अल यूसुफ़ ने कहा कि ये निवेश हरित इस्पात, हरित अमोनिया, एल्युमिनियम विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में फैले हुए हैं। उन्होंने इसे ओमान में भारत के दीर्घकालिक विश्वास का प्रमाण बताया और कहा कि ओमान भारतीय कंपनियों के लिए एक स्थिर, सुरक्षित और भविष्य-उन्मुख संचालन आधार प्रदान करता है।

दोनों मंत्रियों ने यह भी संकेत दिया कि भारत–ओमान सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक नवाचार और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में भी साझा प्राथमिकताओं को दर्शाता है। मुक्त व्यापार समझौते के माध्यम से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को संस्थागत ढांचा मिलने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि भारत–ओमान एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि दो तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच दीर्घकालिक साझेदारी की आधारशिला है। आने वाले वर्षों में यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों, निवेशकों और श्रमिकों के लिए व्यापक अवसर पैदा करेगा और भारत–ओमान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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