गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग; रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकलकर्मी की भी मौत
कराची के प्रसिद्ध गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार देर रात लगी भीषण आग में दमकलकर्मी समेत 6 लोगों की मौत हो गई। एमए जिन्ना रोड पर स्थित इस मॉल में भड़की आग पर काबू पाने के लिए 12 घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। 20 लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल भर्ती कराया गया है।

gul plaza mall fire : पाकिस्तान के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र एमए जिन्ना रोड पर स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल शनिवार की रात उस समय चीख-पुकार और धुएं के गुब्बार में तब्दील हो गया, जब एक भीषण आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। शनिवार, 17 जनवरी 2026 की देर रात करीब 10:45 बजे भड़की इस आग ने अब तक एक जांबाज दमकलकर्मी सहित कुल छह लोगों की जान ले ली है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मीलों दूर से आसमान में काले धुएं का साम्राज्य दिखाई दे रहा था और घंटों बीत जाने के बाद भी इमारत के भीतर से मौत और बर्बादी की खबरें आ रही हैं।
घटना के समय जब अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानें बढ़ा रहे थे, तभी अचानक उठी लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन रविवार दोपहर तक भी अभियान पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका था। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता हसनुल हसीब खान के अनुसार, जलती हुई इमारत के भीतर से करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ कई घायलों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। मॉल की जटिल वास्तुकला, विशेष रूप से बेसमेंट और मेजेनाइन फ्लोर पर स्थित सैकड़ों छोटी दुकानों और गोदामों के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने दमकलकर्मियों के लिए इमारत के भीतर प्रवेश करना लगभग असंभव बना दिया था।
प्रशासनिक स्तर पर इस त्रासदी ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) जावेद आलम ओधो ने घटनास्थल का जायजा लेते हुए पुष्टि की कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, भीषण आग की तपिश ने बहुमंजिला इमारत की संरचना को भी कमजोर कर दिया है और दीवारों में बड़ी दरारें देखी गई हैं। रविवार दोपहर तक लगभग 60 प्रतिशत आग पर काबू पाया जा सका था, लेकिन मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस हृदयविदारक घटना पर संज्ञान लेते हुए सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कराची के कमिश्नर हसन नकवी को निर्देश दिया है कि इस अग्निकांड की पूरी रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सौंपी जाए, ताकि लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जा सके। यह भीषण अग्निकांड कराची के व्यस्त बाजारों में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल की कमी को उजागर करता है, जिसने न केवल करोड़ों की संपत्ति खाक कर दी, बल्कि कई परिवारों के चिराग भी बुझा दिए।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
