एक नन्ही जान को मिली बेजान खिलौने में अपनी माँ ; सोशल मीडिआ पर भावुक वीडियो हुआ वायरल
जापान के चिबा स्थित इचिकावा सिटी ज़ू में जन्मे छह महीने के जापानी मकाक ‘पंच’ को मां ने त्याग दिया, लेकिन एक मुलायम ओरंगुटान खिलौने ने उसे भावनात्मक सहारा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल यह कहानी अब वैश्विक संवेदना का प्रतीक बन चुकी है।

जापानी मकाक ‘पंच’
फरवरी की ठंडी सुबहों के बीच जापान के चिबा प्रांत स्थित एक चिड़ियाघर से ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने सीमाओं और भाषाओं की दीवारों को पार करते हुए दुनिया भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह कहानी है एक छह महीने के नन्हे जापानी मकाक ‘पंच’ की जो जन्म के तुरंत बाद अपनी मां से बिछड़ गया, लेकिन एक साधारण से मुलायम खिलौने में उसे वह सहारा मिला, जिसकी उसे सबसे अधिक जरूरत थी।
मां से बिछड़ने के बाद जीवन की नई शुरुआत:
चिबा प्रांत के इचिकावा सिटी ज़ू में जन्मे पंच को जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मां ने अस्वीकार कर दिया। ऐसी परिस्थितियों में नवजात वन्यजीवों के लिए जीवित रहना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। चिड़ियाघर प्रशासन और देखभाल करने वाली टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पंच को अपने संरक्षण में लिया।
More information about Punch, the baby monkey at Ichikawa Zoo in Japan.
— Volcaholic 🌋 (@volcaholic1) February 14, 2026
He was abandoned by his mother shortly after birth and has been hand‑raised by zookeepers.
They gave him a plush orangutan toy, which he carries everywhere, hugging it while he sleeps, using it for… pic.twitter.com/qn1fO7Wu1n
जापानी मकाक, जिन्हें ‘स्नो मंकी’ के नाम से भी जाना जाता है, स्वभावतः समूह में रहने वाले सामाजिक प्राणी होते हैं। ऐसे में मां से अलगाव उनके व्यवहार और भावनात्मक विकास पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। पंच को हाथ से दूध पिलाकर और विशेष निगरानी में रखकर पाला गया, ताकि उसके शारीरिक और मानसिक विकास में कोई कमी न रह जाए।
एक मुलायम ओरंगुटान खिलौना बना भावनात्मक सहारा:
पंच की देखभाल कर रहे कर्मचारियों ने उसके भीतर की असुरक्षा और अकेलेपन को कम करने के लिए उसे एक प्लश ‘ओरंगुटान’ सॉफ्ट टॉय दिया। यह कदम सामान्य प्रतीत हो सकता है, लेकिन पंच की प्रतिक्रिया असाधारण थी।
उसने उस खिलौने को अपने साथ ऐसे लगाकर रखा, मानो वह उसकी मां हो।
- वह उसे बाहों में भरकर बैठता है।
- उसे अपने साथ लेकर चलता है।
- और सोते समय भी उसे सीने से लगाए रहता है।
यह दृश्य न केवल चिड़ियाघर आने वाले दर्शकों को भावुक कर रहा है, बल्कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो ने वैश्विक स्तर पर सहानुभूति और स्नेह की लहर पैदा कर दी है।
पंच की तस्वीरें सामने आने के बाद जापान में “#がんばれパンチ” (हिम्मत रखो, पंच) जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। लोगों ने उसे साहस और मासूमियत का प्रतीक बताया। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि यह कहानी मनुष्यों और जानवरों के बीच भावनात्मक जुड़ाव की गहराई को दर्शाती है। चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, इस घटना के बाद दर्शकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। लोग विशेष रूप से पंच को देखने और उसकी स्थिति के बारे में जानने के लिए पहुंच रहे हैं।
वर्तमान में पंच को धीरे-धीरे अन्य मकाकों के समूह से परिचित कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया सावधानीपूर्वक और चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि वह सामाजिक रूप से समायोजित हो सके। हालांकि समूह में शामिल होने की प्रक्रिया जारी है, फिर भी पंच अभी भी अपने प्लश ओरंगुटान को अपने साथ रखता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे ‘कंफर्ट ऑब्जेक्ट’ नवजात और परित्यक्त शिशुओं में तनाव कम करने में सहायक हो सकते हैं, विशेषकर तब जब वे प्राकृतिक मातृसंगोपन से वंचित रह जाते हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
