War Against God Iran : ईरान की न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों के संघर्ष के बीच आज एक काला अध्याय जुड़ने जा रहा है। आयतुल्लाह अली खामेनेई के शासन के विरुद्ध उठे विरोध के सुरों को दबाने के लिए प्रशासन ने 26 वर्षीय युवक इरफान सुल्तानी को फांसी पर लटकाने की पूरी तैयारी कर ली है। तेहरान के पश्चिमी छोर पर स्थित कराज शहर के पास रहने वाले इरफान को गिरफ्तारी के महज 48 घंटों के भीतर मौत की सजा सुना दी गई, जिसने वैश्विक स्तर पर न्याय की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्याय की गति या दमन का हथियार?

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इरफान सुल्तानी को 8 जनवरी 2026 को कराज में चल रहे आर्थिक और राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी कानूनी बचाव, वकील या निष्पक्ष सुनवाई के, अदालत ने दो दिनों के भीतर उन्हें 'मोहारेबेह' यानी 'खुदा के खिलाफ जंग छेड़ने' का दोषी करार देते हुए मृत्युदंड दे दिया।

घटनाक्रम की मुख्य कड़ियां:

  • 8 जनवरी: कराज प्रदर्शनों के दौरान इरफान की गिरफ्तारी।
  • 10 जनवरी: महज दो दिनों में बिना वकील की सुनवाई के मौत की सजा का ऐलान।
  • 11 जनवरी: परिवार को सूचित किया गया कि 14 जनवरी को फांसी दी जाएगी।
  • अंतिम विदाई: आज जेल प्रशासन ने परिवार को केवल 10 मिनट की मुलाकात की अनुमति दी।

अंतरराष्ट्रीय आक्रोश और डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी :

इरफान सुल्तानी का मामला अब एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मुद्दा बन चुका है। मानवाधिकार संगठन 'ईरान ह्यूमन राइट्स' (IHR) और 'हेंगाव' ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यह फांसी दी जाती है, तो अमेरिका 'बेहद सख्त कार्रवाई' करेगा। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को ढाढस बंधाते हुए कहा कि 'मदद रास्ते में है'।

सुलगता ईरान: 2025 से जारी है विद्रोह

यह प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए थे, जिसका मुख्य कारण रियाल की गिरती कीमत, कमरतोड़ महंगाई और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। देखते ही देखते यह आर्थिक रोष तख्तापलट के नारों में बदल गया। मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार, इस आंदोलन में अब तक 2,500 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों सलाखों के पीछे हैं। सरकार ने पूरे देश में संचार व्यवस्था और इंटरनेट को लगभग ठप कर दिया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story