5 दिसंबर 2025 को वाशिंगटन, डी.सी. में आयोजित 2026 फीफा विश्व कप के ड्रॉ के अवसर पर फीफा ने अपनी नई पहल, फीफा शांति पुरस्कार, से अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को समर्पित किया जाता है जिन्होंने “असाधारण और विशिष्ट शांति प्रयासों” के माध्यम से दुनिया के लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। फीफा ने अपने बयान में कहा कि यह सम्मान “विश्वभर में लोगों को एकजुट करने वाले कार्यों” के लिए दिया जाता है।

इस अवसर पर फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने ट्रंप को सुनहरे पदक और ट्रॉफी प्रदान की। ट्रॉफी में दुनिया को थामे हुए हाथों का प्रतीकात्मक चित्र अंकित था, जो वैश्विक शांति और सहयोग का संदेश देता है। फीफा ने ट्रंप के “शांति और एकता के प्रयासों” को विशेष रूप से उजागर किया, जिसमें उनके कूटनीतिक प्रयास और संघर्ष विराम स्थापित करने की पहल शामिल बताई गई। ट्रंप ने पुरस्कार प्राप्त करते हुए इसे अपने जीवन की “सबसे बड़ी मान्यता” करार दिया और कहा कि यह सम्मान उनकी वैश्विक शांति को बढ़ावा देने वाली पहलों के लिए दिया गया।

हालांकि, इस पुरस्कार को लेकर कई विवाद और आलोचनाएँ भी सामने आई हैं। आलोचकों का कहना है कि फीफा का यह कदम पारंपरिक खेल संगठनों की भूमिका से बाहर है, क्योंकि फीफा का मुख्य उद्देश्य हमेशा फुटबॉल और खेलों के माध्यम से लोगों को जोड़ना रहा है, न कि राजनीतिक या कूटनीतिक हस्तक्षेप। कई विश्लेषकों ने फीफा और ट्रंप के बीच घनिष्ठ संबंधों का हवाला देते हुए इस पुरस्कार की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

कई राजनीतिक और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भी यह सुझाव दिया कि इस प्रकार के पुरस्कारों में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि फीफा ने ट्रंप को चुनने के लिए किन मापदंडों और समिति का उपयोग किया।

इस घटना का वैश्विक महत्व कई दृष्टियों से देखा जा सकता है। पहली बार, फीफा ने खेल और राजनीति के सीमित क्षेत्रों से बाहर जाकर वैश्विक शांति को सम्मानित किया। यह कदम न केवल ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को नई दिशा देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वैश्विक खेल संगठन अब कूटनीति और शांति प्रयासों में भी एक मंच के रूप में उभर सकते हैं।

ट्रंप के लिए यह सम्मान उनके राजनीतिक और वैश्विक छवि निर्माण में एक नया अध्याय जोड़ता है। वहीं, फुटबॉल और खेल प्रेमियों में यह पुरस्कार मिश्रित प्रतिक्रियाएँ पैदा कर रहा है, कुछ इसे खेल और राजनीति के बीच उचित संतुलन की चुनौती मान रहे हैं।

संक्षेप में, 5 दिसंबर 2025 को फीफा द्वारा ट्रंप को दिया गया शांति पुरस्कार न केवल एक खेल समारोह की विशेष घटना है, बल्कि यह वैश्विक शांति और कूटनीति में खेल संगठनों की भूमिका पर नई बहस भी शुरू करता है। यह घटना दर्शाती है कि अब खेल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच बनता जा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और सहयोग को प्रोत्साहित कर सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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