पश्चिम रेलवे की सख्त टिकट जांच में 11.30 लाख से अधिक बिना टिकट यात्री पकड़े गए, 83.25 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला
पश्चिम रेलवे की विशेष टिकट जांच में 11.30 लाख से अधिक बिना टिकट यात्री पकड़े गए और 83.25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। फर्जी यूटीएस टिकट मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई।

तस्वीर में पश्चिम रेलवे का एक टिकट चेकिंग कर्मचारी प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के टिकट की जांच करते हुए दिखाई दे रहा है।
रेलवे राजस्व की सुरक्षा और बिना टिकट तथा अनियमित यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पश्चिम रेलवे ने अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान अपने पूरे नेटवर्क पर व्यापक और गहन टिकट जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान 11.30 लाख से अधिक बिना टिकट और अनियमित यात्रियों का पता लगाया गया, जिनसे 83.25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। एसी उपनगरीय सेवाओं में विशेष टिकट जांच के दौरान जुर्माने की राशि में पिछले वर्ष की तुलना में 162 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारियों की सक्रिय निगरानी में टिकट जांच कर्मचारियों की टीम ने मुंबई उपनगरीय लोकल ट्रेनों, लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेनों तथा हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों में लगातार व्यापक टिकट जांच अभियान चलाए। इन अभियानों का उद्देश्य रेलवे राजस्व की हानि को रोकना और यात्रियों के बीच अनुशासित यात्रा सुनिश्चित करना था।
अप्रैल से जुलाई 2026 की अवधि में बिना बुक किए गए सामान के मामलों सहित 11.30 लाख से अधिक बिना टिकट एवं अनियमित यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे 83.25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। केवल जुलाई 2026 में ही 1.80 लाख से अधिक बिना टिकट और अनियमित यात्रियों का पता लगाया गया, जिनसे लगभग 14.50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पश्चिम रेलवे ने एसी उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट धारकों द्वारा अनधिकृत यात्रा रोकने के लिए भी विशेष टिकट जांच अभियान लगातार संचालित किए। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान एसी उपनगरीय सेवाओं में 64,000 से अधिक दंडात्मक मामलों का पता लगाया गया, जिनसे 2.45 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में वसूले गए 93.40 लाख रुपये की तुलना में लगभग 162 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह के एक विशेष टिकट जांच अभियान के दौरान मुंबई सेंट्रल मंडल के चीफ कमर्शियल टिकट चेकर (CCTC) श्री अरविंद सिंह ने एक ऐसे यात्री को पकड़ा, जो वास्तविक यूटीएस टिकट नंबर का उपयोग कर फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से तैयार किए गए फर्जी यूटीएस मोबाइल टिकट के साथ यात्रा कर रहा था। जांच के दौरान यह सामने आया कि यात्री ने यह फर्जी एप्लिकेशन एक यूट्यूब लिंक के माध्यम से डाउनलोड किया था। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मुंबई सेंट्रल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों या राजकीय रेलवे पुलिस को दें। रेलवे ने अनधिकृत यात्रा रोकने, रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अनुशासित यात्रा को बढ़ावा देने में टिकट जांच कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान पारदर्शी टिकटिंग व्यवस्था को मजबूत करने और पूरे पश्चिम रेलवे नेटवर्क में यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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