पश्चिमी रेलवे की टीम ने फतह किया किन्नौर कैलाश का दुर्गम शिखर, दिखाई अद्भुत साहस और जुझारूपन
पश्चिमी रेलवे की टीम ने हिमाचल प्रदेश में स्थित किन्नौर कैलाश की कठिन चोटियों को फतह कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जानिए इस साहसिक अभियान की पूरी कहानी, जहां दुर्गम रास्तों और प्रतिकूल मौसम से जूझते हुए रेलवे के जांबाजों ने कैसे सफलता हासिल की।

हिमाचल प्रदेश में किन्नौर कैलाश ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद वेस्टर्न रेलवे एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (WRASA) के सदस्य।
पश्चिमी रेलवे एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (WRASA) ने हिमाचल प्रदेश के बेहद कठिन और ऊंचे माने जाने वाले किन्नौर कैलाश ट्रैक को सफलतापूर्वक पूरा कर अपनी उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ लिया है। यह साहसिक अभियान टीम के असाधारण टीमवर्क, सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत युल्ला कांडा ट्रैक से हुई, जहां विश्व का सबसे ऊंचा कृष्ण मंदिर लगभग 3,895 मीटर यानी 12,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। लगभग 24 किलोमीटर की दूरी तय करने वाला यह ट्रैक टीम के लिए किन्नौर कैलाश के कठिन अभियान से पहले एक अनुकूलन अभ्यास के रूप में काम आया। युल्ला कांडा ट्रैक को पूरा करने के बाद, टीम रेकॉन्ग पियो होते हुए हिमाचल प्रदेश में किन्नौर कैलाश ट्रैक के शुरुआती बिंदु टांगलिंग पहुंची। टांगलिंग से टीम ने गणेश पार्क तक पहुंचने के लिए लगभग छह घंटे की पैदल चढ़ाई की और अंतिम चढ़ाई शुरू करने से पहले वहां शिविर लगाया। इस अभियान में पश्चिमी रेलवे के नौ कर्मचारी शामिल थे, जिसमें टीम के लीडर समेत चार परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। पश्चिमी रेलवे की टीम में टीम लीडर और मुख्य लोको इंस्पेक्टर श्री मुनेश कुमार कुलश्रेष्ठ, मुख्य लोको इंस्पेक्टर श्री एस. पी. सिंह, सीनियर मोटोरमैन श्री शशांक अभ्यंकर, मोटोरमैन श्री संजय कुलश्रेष्ठ, श्री अनुपम खेमन, श्री राजेश डे, श्री शैलेंद्र कुमार और श्री अश्वनी तिवारी तथा मुख्य बुकिंग सुपरवाइजर श्री संदीप पाटिल शामिल थे। अभियान में भाग लेने वाले परिवार के सदस्यों में श्री कृष्ण जे. साहू, श्री यशोवर्धन खेमन, श्री हृषिकेश पाटिल और श्री सौरभ फालके शामिल रहे। चुनौतीपूर्ण इलाके, अत्यधिक ऊंचाई और प्रतिकूल मौसम स्थितियों के बावजूद, पूरी टीम ने सुरक्षित और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस अभियान को पूरा किया। पूरे ट्रैक के दौरान टीम ने साहस, अनुशासन और आपसी तालमेल का परिचय देते हुए रास्ते में आने वाली हर चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया। किन्नौर कैलाश ट्रैक की यह सफलता पश्चिमी रेलवे एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के लिए एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। यह अभियान अपने सदस्यों के बीच साहसिक खेलों, शारीरिक फिटनेस और दृढ़ता की भावना को बढ़ावा देने के लिए एसोसिएशन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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