पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को नई गति देते हुए पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने गुजरात सरकार के राज्यव्यापी मेगा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम शुरू किया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत मंडल द्वारा 10 विभिन्न रेलवे लोकेशनों पर 8 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के पहले चरण में साणंद स्थित रेलवे की भूमि पर 2 लाख से अधिक पौधों का रोपण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। मंडल रेल प्रबंधक अहमदाबाद, श्री वेद प्रकाश ने जानकारी दी कि गुजरात सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के सहयोग से 'वन कवच योजना' के अंतर्गत साणंद यार्ड और डीएफसी लाइन के बीच 1,20,000 वर्ग मीटर भूमि पर कुल 4 लाख पौधे लगाने की योजना तैयार की गई है, जिसमें से पहले चरण में 2 लाख पौधे रोपित किए जा चुके हैं और शेष पौधे आगामी चरणों में लगाए जाएंगे।



इस आयोजन के दौरान मंडल रेल प्रबंधक और गुजरात वन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. मीनल जानी और रूचि दवे (एसीएफ) सहित वन विभाग एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे और वन विभाग का यह साझा प्रयास न केवल हरित आवरण को बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी के संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल गुजरात सरकार के उस वृहद अभियान का हिस्सा है, जिसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में सहभागिता निभाई है। राज्यभर में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेलवे प्रशासन एवं वन विभाग ने नागरिकों से इस हरित अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और पौधों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है।

अहमदाबाद मंडल के प्रमुख वृक्षारोपण स्थलों में आंबली रोड-गोराघुमा (20,538 वर्गमीटर), छारोडी-जाखवाड़ा (37,625 वर्गमीटर), आंबली रोड-चांदलोडिया (9,231 वर्गमीटर), गोराघुमा-साणंद (12,560 वर्गमीटर), जाखवाड़ा रेलवे स्टेशन (4,000 वर्गमीटर), साणंद-छारोडी (61,218 वर्गमीटर), साणंद यार्ड-डीएफसी लाइन (1,20,000 वर्गमीटर), साबरमती-चांदलोडिया (5,750 वर्गमीटर) और साबरमती-चांदलोडिया द्वितीय स्थल (42,000 वर्गमीटर) शामिल हैं। इसके अलावा साबरमती में 8,400 वर्गमीटर क्षेत्र में 9,000 पौधे और अंबली रोड में 2,200 वर्गमीटर क्षेत्र में 1,020 पौधे लगाए गए हैं। रोपित पौधों में मुख्य रूप से 75,000 फाउंटेन ग्रास, 51,000 बोगनवेलिया, 18,000 बांस, 14,000 टेकोमा, 12,000 केसूड़ा या पलाश, 6,000 नागोद या निर्गुड़ी, 6,000 देसी मेहंदी, 4,000 करंज, 4,000 हरसिंगार या पारिजात, 4,000 कचनार, 4,000 गरमालो या अमलतास और 2,000 देसी बबूल के पौधे शामिल किए गए हैं।

Pratahkal Newsroom

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