कपूरथला, 20 सितम्बर। रेल डिब्बा कारखाना (आरसीएफ) कपूरथला ने मंगलवार को उद्योगों और आपूर्तिकर्ताओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और रेलवे उत्पादन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वारिस शाह हॉल में विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में पंजाब और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 500 उद्यमियों ने भाग लिया, जो आरसीएफ के उच्च तकनीक कोच निर्माण और स्वदेशी उत्पादन योजनाओं में शामिल होने के लिए उत्साहित दिखे।

कार्यक्रम की शुरुआत महाप्रबंधक श्री एस.एस. मिश्र की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन डिप्टी सीएम श्री अमित राणा ने संभाला। इस अवसर पर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर श्री आर.के. जैन, साथ ही वरिष्ठ अधिकारी श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि कुमार और श्री के.एस. असला ने अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा एमएसएमई प्रतिनिधियों ने भी उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशीकरण, गुणवत्ता मानक, कोच निर्माण में प्रयुक्त कलपुर्जों की तकनीकी आवश्यकताओं और आपूर्तिकर्ताओं के लिए नई अवसरों पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि रेलवे की खरीद प्रणाली अब अधिक पारदर्शी और उद्यमियों के अनुकूल बन चुकी है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़े ठेके हासिल करने में मदद मिल रही है।



इस मौके पर आरसीएफ ने अपने उत्पादन लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। महाप्रबंधक एस.एस. मिश्र ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष कोच उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने के लिए मजबूत और सक्षम वेंडर नेटवर्क आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आरसीएफ उच्च गुणवत्ता वाले कलपुर्जों के स्वदेशी उत्पादन पर विशेष ध्यान दे रहा है, जिससे देश के उद्योग और स्टार्ट-अप्स को नई दिशा और विकास का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें आरसीएफ द्वारा निर्मित विभिन्न कोच पार्ट्स, तकनीकी नवाचार और उत्पादन प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी ने उपस्थित उद्यमियों को तकनीकी और व्यावसायिक दृष्टि से मार्गदर्शन प्रदान किया और उनके लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खोले। एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स की भागीदारी उत्साहजनक रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय उद्योग और आरसीएफ के बीच सहयोग और साझेदारी की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक एस.एस. मिश्र के धन्यवाद ज्ञापन और उपस्थित उद्यमियों के उत्साहजनक प्रतिक्रिया के साथ हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विक्रेता विकास कार्यक्रम न केवल रेलवे उत्पादन की गुणवत्ता और क्षमता बढ़ाने में सहायक होंगे, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए व्यवसायिक अवसरों के नए आयाम भी खोलेंगे।

आरसीएफ के इस प्रयास ने यह संदेश स्पष्ट किया कि तकनीकी उत्कृष्टता, स्वदेशीकरण और उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने से रेलवे निर्माण क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा दोनों में वृद्धि संभव है। इस कार्यक्रम ने उद्योग और उत्पादन क्षेत्र में नए सहयोग के लिए मजबूत नींव रखी है।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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