सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव का आरोपी, आरपीएफ ने की गिरफ्तारी
वंदे भारत एक्सप्रेस पर 4 अगस्त को हुए पथराव मामले में आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायता से आरोपी रामहरि नाहक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने घटना स्वीकार की। मामले की जांच जारी है, जबकि रेलवे ने यात्रियों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है।

तस्वीर में बाईं ओर रेलवे ट्रैक के पास सीसीटीवी फुटेज का दृश्य और दाईं ओर रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी काले रंग की शर्ट पहने एक संदिग्ध को हिरासत में लिए हुए नजर आ रहे हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायता के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भारतीय रेलवे की आधुनिक, सेमी हाई-स्पीड एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित प्रीमियम ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुई इस घटना को रेलवे ने गंभीरता से लेते हुए शून्य सहिष्णुता की नीति के तहत कार्रवाई की है। यह घटना न केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करने वाली मानी जा रही है।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के जनसम्पर्क अधिकारी श्री अनुभव सक्सेना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 4 अगस्त को गांधीनगर कैपिटल से मुंबई के लिए रवाना हुई ट्रेन संख्या 20902 गांधीनगर कैपिटल–मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच C-6 की सीट संख्या 63–64 के पास वडोदरा मंडल के गोठांगाम एवं कोसाड स्टेशनों के मध्य किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर फेंका था। इस घटना में कोच की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। मामले में वडोदरा मंडल की रेल सुरक्षा बल की अंकलेश्वर पोस्ट में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान रेल सुरक्षा बल को प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में रेलवे ट्रैक के पास काले रंग की शर्ट पहने एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। गुप्त सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर 6 अगस्त 2026 को सयान–गोठांगाम क्षेत्र से सहायक उप निरीक्षक धर्मबीर सिंह एवं राम कुमार शर्मा ने संदिग्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान रामहरि नाहक के रूप में हुई। वह मूल रूप से ओडिशा का निवासी है तथा वर्तमान में अमरोली, सूरत में रहकर लूम मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्य करता है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में स्वेच्छा से घटना स्थल की पहचान कराई और स्वीकार किया कि उसी ने ट्रेन संख्या 20902 के कोच C-6 पर पत्थर फेंका था, जिससे खिड़की का शीशा टूट गया। उसका बयान नियमानुसार दर्ज किया गया तथा उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत उसे रिहा कर दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।
रेल सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और चलती ट्रेनों पर पथराव करना गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल अथवा रेलवे प्रशासन को दें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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