कश्मीरी वादियों में रफ्तरा का आया नया युग; जम्मू से श्रीनगर दौड़ेगी नयी वंदेभारत एक्सप्रेस
20 कोच वाली यह आधुनिक ट्रेन जम्मू और श्रीनगर के बीच 266 किमी की दूरी तय कर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।

पहाड़ों के बीच ऊंचे पुल पर दौड़ती केसरिया रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जो रेल कनेक्टिविटी को दर्शाती है।
Jammu to Srinagar Vande Bharat Express : जम्मू-कश्मीर की सुरम्य वादियों में आज भारतीय रेलवे ने कनेक्टिविटी की एक नई इबारत लिख दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू तवी स्टेशन पर आयोजित एक भव्य समारोह में श्रीनगर के लिए पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की गरिमामयी उपस्थिति ने इस उपलब्धि के महत्व को और बढ़ा दिया। यह ट्रेन न केवल दो प्रमुख शहरों को जोड़ रही है, बल्कि यह केंद्र शासित प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक एकीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
रेलवे के इस नए विस्तार के साथ ही अब देश की सबसे आधुनिक रेल सीधे जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े रेलवे केंद्र तक पहुंच गई है। उल्लेखनीय है कि पहले यह सेवा केवल श्रीनगर से कटरा के बीच सीमित थी, लेकिन अब इसे जम्मू तवी तक बढ़ाकर यात्रियों के लिए सफर को और सुगम बना दिया गया है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेल मंत्रालय ने ट्रेन की क्षमता में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है; अब यह ट्रेन 8 के बजाय 20 कोचों के साथ संचालित होगी, जिससे बैठने की क्षमता दोगुनी से भी अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2025 में शुरू की गई इस परियोजना को अब पूर्ण विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के साथ धरातल पर उतारा गया है।
तकनीकी विशिष्टताओं की बात करें तो यह वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 266 किलोमीटर की दूरी को महज 4 घंटे 50 मिनट में तय करेगी। रेलवे ने सप्ताह में छह दिन दो जोड़ी ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है, जिसमें मंगलवार और बुधवार को रखरखाव के चलते सेवाओं में आंशिक बदलाव रहेगा। नियमित व्यावसायिक सेवा 2 मई 2026 से पूर्ण रूप से शुरू हो जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को कटरा में ट्रेन बदलने की असुविधा से मुक्ति मिलेगी। यह निर्बाध कनेक्टिविटी विशेष रूप से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों और कश्मीर की सुंदरता निहारने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
इस परियोजना का प्रभाव केवल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का कार्य करेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि 20 कोच वाली यह नई एक्सप्रेस जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस सेवा के विस्तार से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और घाटी में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जम्मू और श्रीनगर के बीच की यह रेल यात्रा अब न केवल समय बचाएगी, बल्कि उत्तर भारत में पर्यटन और विकास की एक नई गौरवगाथा लिखेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
