भारतीय रेलवे के मुंबई मंडल में परिचालन क्षमता को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वलसाड यार्ड में नई सॉर्टिंग लाइन संख्या-3 का सफल कमीशनिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस विकास कार्य के साथ ही ब्रिज संख्या-329 का विस्तार भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, जो रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले समय में वलसाड यार्ड की व्यस्तता को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।

परियोजना के तकनीकी विवरण पर गौर करें तो वलसाड यार्ड में तैयार की गई नई सॉर्टिंग लाइन की कुल लंबाई 525 मीटर है। पीएच-16 (PH-16) कार्यों के अंतर्गत इस लाइन को स्थापित करने के लिए ब्रिज संख्या-329 का विस्तार करना अनिवार्य था, जिसे 1 गुणा 9.15 मीटर के स्पैन के साथ पूरा किया गया है। निर्माण कार्य और तकनीकी मानकों की जांच के उपरांत, इस ट्रैक को परिचालन के लिए पूर्णतः फिट घोषित कर दिया गया है। संबंधित विभागीय अधिकारियों की देखरेख में इसे आधिकारिक रूप से रेल यातायात के लिए खोल दिया गया है।

इस नई सॉर्टिंग लाइन के शुरू होने से वलसाड यार्ड की कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन आने की संभावना है। अब तक यार्ड में बढ़ती ट्रेनों की संख्या के कारण होने वाले दबाव और शंटिंग कार्यों में आने वाली बाधाओं से निजात मिल सकेगी। सॉर्टिंग लाइन का विस्तार होने से रेक फॉर्मेशन की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन समय पर सुनिश्चित हो सकेगा। यह सुधार न केवल यार्ड हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि मुंबई मंडल से आरंभ होने वाली ट्रेनों के प्रस्थान और रख-रखाव में भी उच्च दक्षता लाएगा। यह बुनियादी ढांचा विकास रेलवे की परिचालन कार्यकुशलता को नई गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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