वडोदरा-रतलाम रेलखंड पर दौड़ेंगी चार लाइनें, 259 किमी मार्ग का होगा विस्तार
वडोदरा-रतलाम के बीच 259 किमी रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण होगा। वहीं विश्वामित्री-डभोई के 33 किमी मार्ग का ₹394 करोड़ से दोहरीकरण किया जाएगा, जिससे रेल कनेक्टिविटी और क्षमता बढ़ेगी।

तस्वीर में वडोदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और पटरियों पर खड़ी ट्रेनें दिखाई दे रही हैं।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में रेल यातायात की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए वडोदरा और रतलाम के बीच लगभग 259 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर तीसरी एवं चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना से व्यस्त रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने और मौजूदा क्षमता संबंधी बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
वडोदरा-रतलाम रेलखंड स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) के महत्वपूर्ण रेल मार्ग का हिस्सा है। गुजरात को मध्य प्रदेश तथा उत्तर भारत से जोड़ने वाले इस व्यस्त कॉरिडोर पर यात्री और माल यातायात का लगातार दबाव रहता है। ऐसे में तीसरी एवं चौथी रेल लाइन का निर्माण इस मार्ग की क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
परियोजना पूरी होने के बाद इस सेक्शन पर ट्रेनों के परिचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे यात्री एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक तेज, सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी। रेल अवसंरचना के इस विस्तार से गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इसका प्रभाव औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन पर भी पड़ेगा।
वडोदरा क्षेत्र में एक अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत विश्वामित्री और डभोई के बीच लगभग 33 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का ₹394 करोड़ की लागत से दोहरीकरण किया जाएगा। वर्तमान में यह मार्ग सिंगल लाइन है, जिसके कारण इसकी परिचालन क्षमता सीमित है।
विश्वामित्री-डभोई रेल मार्ग के दोहरीकरण के बाद ट्रेनों के परिचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे रेल यातायात अधिक सुगम एवं समयबद्ध होने के साथ ट्रेनों के संचालन में बेहतर लचीलापन आएगा।
विश्वामित्री-डभोई रेल लाइन वडोदरा शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करती है। इसके दोहरीकरण से स्थानीय क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ क्षेत्र में परिवहन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
विश्वामित्री-डभोई रेल मार्ग की विशेष महत्ता इसलिए भी है कि यह विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क का हिस्सा है। रेल लाइन के दोहरीकरण से इस दिशा में रेल आवागमन की क्षमता और सुगमता बढ़ेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
इस प्रकार वडोदरा-रतलाम के बीच तीसरी एवं चौथी रेल लाइन और विश्वामित्री-डभोई रेल मार्ग के दोहरीकरण से पश्चिम रेलवे के वडोदरा क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने के साथ यात्री, माल और पर्यटन संबंधी आवागमन को बेहतर आधार मिलेगा।

Naresh Ameta (Mumbai)
नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।
