वडोदरा मंडल, पश्चिम रेलवे Western Railway ने माल परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए दहेज अदाणी पोर्ट साइडिंग से लातूर के लिए पहली मिनी बीसीएन (BCN) उर्वरक रेक का सफल लदान किया है। यह पहल न केवल परिचालन विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि मौजूदा अवसंरचना के अधिकतम उपयोग की दिशा में भी एक ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में सामने आई है।

दहेज अदाणी पोर्ट साइडिंग, जो अब तक मुख्य रूप से कोयला लदान केंद्र के रूप में अपनी पहचान रखती थी, वहां से पहली बार उर्वरक की लोडिंग की गई है। इस परिवर्तन ने मंडल के माल यातायात ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह निर्णय वडोदरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भडके के नेतृत्व में लिया गया, जिन्होंने दिसंबर 2025 में साइडिंग निरीक्षण के दौरान इसकी क्षमता के बेहतर उपयोग और नए माल यातायात को आकर्षित करने पर विस्तार से चर्चा की थी।

पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी श्री अनुभव सक्सेना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह पहली उर्वरक रेक 04 जून 2026 को दहेज अदाणी पोर्ट से लातूर के लिए रवाना की गई। इस मिनी बीसीएन रेक में कुल 21 वैगनों का उपयोग किया गया है, जो लगभग 926 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस परिवहन से मंडल को लगभग ₹20.54 लाख का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

आयातित उर्वरक की यह खेप कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं को समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कोयला साइडिंग से उर्वरक लदान की यह शुरुआत न केवल साइडिंग की उपयोगिता को विस्तार देती है, बल्कि भविष्य में विभिन्न प्रकार के माल यातायात को आकर्षित करने की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।

लातूर के लिए पहली उर्वरक रेक का सफल प्रेषण वडोदरा मंडल की व्यावसायिक दूरदृष्टि, नवाचार और परिचालन दक्षता का प्रतीक बनकर उभरा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि रेलवे परिसंपत्तियों के प्रभावी उपयोग से नए व्यापारिक अवसरों का सृजन संभव है और माल परिवहन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

Next Story