वडोदरा मंडल के स्टेशनों पर पेयजल जांच में 190 में से 190 सैंपल फिट, 100% सफलता
वडोदरा मंडल के स्टेशनों पर पेयजल जांच में 190 में से 190 बैक्टीरियोलॉजिकल सैंपल फिट मिले, जबकि 794 क्लोरीन परीक्षणों में 790 मानक पर खरे उतरे।

वडोदरा मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के तहत यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति को लेकर रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की गहन जांच की जा रही है। मेडिकल विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टरों द्वारा विभिन्न स्टेशनों पर नियमित और सघन निरीक्षण करते हुए वाटर कूलर, वाटर बूथ और वाटर हट से पेयजल के नमूने लिए जा रहे हैं।
वडोदरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भडके के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत जनस्वास्थ्य और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह कवर किया गया। अभियान के दौरान मेडिकल, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल विभागों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर पूरी जल आपूर्ति प्रणाली का गहन मूल्यांकन किया।
संयुक्त निरीक्षण में यात्रियों से जुड़े प्रमुख स्थानों, जिनमें वाटर कूलर, नल और पानी के टैंक शामिल हैं, की व्यापक जांच की गई। पेयजल सैंपलिंग के परिणामों में बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्टिंग में कुल 190 में से 190 सैंपल पूरी तरह फिट पाए गए। इस तरह जीवाणु परीक्षण में 100 प्रतिशत फिटनेस दर दर्ज की गई।
वहीं, रेसिड्यूल क्लोरिनेशन टेस्टिंग यानी अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण में कुल 794 परीक्षणों में से 790 सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे उतरे। क्लोरीन परीक्षण के दौरान जिन कुछ नमूनों में कमी पाई गई, उनमें तकनीकी टीमों द्वारा तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए री-क्लोरिनेशन सुनिश्चित किया गया।
वडोदरा मंडल ने सभी रेलवे स्टेशनों पर निरंतर और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए जल आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे की सख्त निगरानी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

Naresh Ameta (Mumbai)
नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।
