श्रीनगर-जम्मू तवी वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार, 30 अप्रैल को हरी झंडी
20 कोच वाली यह ट्रेन पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देगी, साथ ही अंजी खड्ड और चिनाब ब्रिज के जरिए सीधे जम्मू को श्रीनगर से जोड़ेगी।

जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए श्रीनगर से कटरा तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को अब जम्मू तवी स्टेशन तक विस्तारित किया गया है।
भारतीय रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देते हुए श्रीनगर–कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को जम्मू तवी तक विस्तारित करने का ऐलान किया है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw 30 अप्रैल 2026 को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से इस विस्तारित सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। अब तक श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक संचालित यह आधुनिक ट्रेन सीधे जम्मू तवी तक पहुंचेगी, जिससे क्षेत्र के सबसे बड़े शहर और प्रमुख रेल हब को हाई-स्पीड सेवा से जोड़ा जाएगा।
फ्लैग ऑफ के बाद मंत्री उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के तहत निर्मित देश की दो प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों—अंजी खड्ड ब्रिज और चिनाब रेल ब्रिज—का निरीक्षण करेंगे। यह परियोजना 272 किलोमीटर लंबी है, जिसमें 119 किलोमीटर में फैली 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं, जिसकी कुल लागत ₹43,780 करोड़ है।
6 जून 2025 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कटरा–श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को 8 कोच के साथ शुरू किया था। शुरुआत के बाद से ही ट्रेन लगातार फुल कैपेसिटी पर चल रही थी और यात्रियों की भारी मांग बनी रही। इसी मांग को देखते हुए अब इसे 20 कोच तक बढ़ाया गया है, जिससे सीट क्षमता दोगुने से अधिक हो गई है और वेटिंग व रिजर्वेशन पर दबाव कम होगा, खासकर तीर्थ और पर्यटन सीजन में।
यह विस्तारित जम्मू तवी–श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस 2 मई 2026 से नियमित सेवा में आ जाएगी। इस रूट पर दो जोड़ी ट्रेनें संचालित होंगी, जो लगभग 266 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। पहली सेवा (ट्रेन संख्या 26401) सुबह 6:20 बजे जम्मू तवी से रवाना होकर कटरा, रियासी और बनिहाल होते हुए 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी, जबकि वापसी सेवा (26402) दोपहर 2:00 बजे श्रीनगर से चलकर शाम 6:50 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी। यह सेवा मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।
दूसरी सेवा (26404) सुबह 8:00 बजे श्रीनगर से शुरू होकर बनिहाल और कटरा होते हुए 12:40 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी, जबकि वापसी सेवा (26403) दोपहर 1:20 बजे जम्मू तवी से चलकर शाम 6:00 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। यह सेवा बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। दोनों सेवाओं से यात्रियों को सुबह और दोपहर दोनों समय यात्रा का विकल्प मिलेगा।
इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ तीर्थयात्रियों को मिलेगा, जो श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में आते हैं। अब उन्हें कटरा में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर से पहलगाम और बालटाल जाने वाले यात्रियों को भी एक ही ट्रेन से निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह बदलाव तीर्थ यात्रा को अधिक सरल, सुरक्षित और समयबद्ध बनाएगा।
पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह सेवा महत्वपूर्ण साबित होगी। जम्मू पहुंचने वाले पर्यटक अब सीधे वंदे भारत में बैठकर हिमालयी क्षेत्रों, सुरंगों और विश्व स्तरीय पुलों से गुजरते हुए श्रीनगर पहुंच सकेंगे। सड़क मार्ग की अनिश्चितता और मौसम पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
स्थानीय निवासियों के लिए यह विस्तार वर्षों पुरानी समस्या का समाधान है। छात्र, सरकारी कर्मचारी और मरीज, जिन्हें पहले कटरा में ट्रेन बदलनी पड़ती थी, अब बिना रुकावट यात्रा कर सकेंगे। सर्दियों में जब भारी बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो जाता है, तब यह रेल सेवा जीवन रेखा साबित होगी। वंदे भारत ट्रेन माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी संचालन के लिए सक्षम है, जिसमें हीटेड विंडशील्ड और उन्नत हीटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं।
व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में भी इस सेवा से बड़ा बदलाव आएगा। कश्मीर के पश्मीना शॉल, अखरोट की लकड़ी की नक्काशी, कालीन और केसर जैसे उत्पादों के व्यापार में तेजी आएगी। श्रीनगर और जम्मू के बीच तेज, विश्वसनीय और किफायती रेल कनेक्टिविटी से व्यापारियों, कारीगरों और उद्यमियों के लिए समय और लागत में कमी आएगी।
अंजी खड्ड ब्रिज, जो 331 मीटर ऊंचाई पर स्थित भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे पुल है, और चिनाब रेल ब्रिज, जो 359 मीटर ऊंचाई के साथ विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, इस परियोजना की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक हैं। ये दोनों पुल इस रेल सेवा की रीढ़ हैं और हिमालयी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को संभव बनाते हैं।
पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में रेलवे के क्षेत्र में तेज विकास हुआ है। 2014 में उधमपुर-कटरा सेक्शन शुरू हुआ, फरवरी 2024 में कश्मीर घाटी में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चली, जनवरी 2025 में जम्मू रेलवे डिवीजन का गठन हुआ और प्रमुख स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास जारी है।
श्रीनगर से जम्मू तवी तक वंदे भारत का विस्तार केवल एक रेल सेवा का विस्तार नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन में एक निर्णायक परिवर्तन है, जो लाखों लोगों को निर्बाध, तेज और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प प्रदान करता है।

Pratahkal Bureau
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