सोलापूर रेल मंडल के राजस्व में 6.85% की भारी वृद्धि, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹894 करोड़ की कमाई
मध्य रेलवे के सोलापूर मंडल ने माल ढुलाई और यात्री परिवहन में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 12 स्टेशनों के आधुनिकीकरण का लक्ष्य रखा है।

सोलापूर रेलवे स्टेशन का मुख्य भवन जहां अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यात्री सुविधाओं और डिजिटल एक्सेस मैप बोर्ड जैसी आधुनिक तकनीकों का विस्तार किया गया है।
राजस्व अर्जन में ऐतिहासिक वृद्धि
मंडल ने कुल ₹894.61 करोड़ का 'उद्गम राजस्व' (originating revenue) प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.85% की वृद्धि दर्शाता है। राजस्व वृद्धि की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों का यह प्रत्यक्ष प्रमाण है। प्रवासी राजस्व ₹407.95 करोड़ तक पहुंच गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 7.87% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई राजस्व ₹448.18 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.31% की वृद्धि दर्शाता है। 'अन्य कोचिंग राजस्व' और 'व्यावसायिक विविध राजस्व' में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई, जिससे मंडल की कुल कमाई के ग्राफ को और मजबूती मिली है।
यात्री यातायात और परिचालन उत्कृष्टता
सोलापूर मंडल में यात्रियों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। मंडल ने 1.99 करोड़ से अधिक यात्रियों के परिवहन को प्रबंधित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.46% की वृद्धि है। यह रेलवे सेवाओं पर जनता के बढ़ते विश्वास और बेहतर कनेक्टिविटी का प्रतिबिंब है। परिचालन उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए आपातकालीन स्थितियों में यात्रियों को निर्बाध सहायता प्रदान की गई; इसमें बाढ़ के दौरान फंसे यात्रियों के लिए बस व्यवस्था जैसे उपाय शामिल हैं। साथ ही "क्षय रोग-मुक्त भारत अभियान" के तहत चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ रेलवे कर्मचारियों और मजदूरों को मिला।
माल ढुलाई और व्यापारिक नवाचार
सोलापूर मंडल ने माल ढुलाई में विविधता लाकर और कार्यप्रणाली में सुधार कर अपने माल ढुलाई क्षेत्र को और मजबूत करना जारी रखा है। 'वृद्धिशील लोडिंग' के मामले में भारतीय रेलवे में 5वां स्थान प्राप्त करना मंडल के दमदार माल ढुलाई प्रदर्शन के महत्व को रेखांकित करता है। आईओसीएल (IOCL) पाकणी में पीओएल (पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट्स) लोडिंग शुरू की गई, जिससे 393 रेक के माध्यम से ₹62.4 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। 'शीरा' (Molasses) की लोडिंग में अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए 17 रेक से ₹9.6 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में चीनी के कुल 116 रेक की लोडिंग की गई और इसका विस्तार दक्षिण भारत के नए गंतव्यों जैसे इरोड जंक्शन, कुडल नगर, तिरुचिरापल्ली और नेल्लिकुप्पम तक किया गया। भिगवण में 6 रेक के माध्यम से स्टील बिलेट की आवक शुरू हुई, जिससे आय के नए स्रोत बने। साथ ही बैग बंद सीमेंट के बजाय थोक सीमेंट लोडिंग से दक्षता में सुधार हुआ है।
अमृत भारत स्टेशन योजना और आधुनिक सुविधाएं
अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत सोलापूर मंडल के कुल 12 स्टेशनों—सोलापूर, कलबुरागी, लातूर, कुर्डुवाडी, जेऊर, धाराशिव, पंढरपूर, दुधनी, गाणगापुर रोड, शहाबाद, वाडी और अक्कलकोट रोड को शामिल किया गया है। इन कार्यों के लिए स्वीकृत कुल लागत लगभग ₹330 करोड़ है और दूसरे चरण को भी मुख्यालय से मंजूरी मिल गई है। यात्री सुविधाओं के विस्तार में 29 लिफ्टों का प्रावधान किया गया है, जो सोलापूर, कलबुरगी, वाडी, पंढरपूर सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर लगेंगी। भिगवण, होटगी, मालथन और अन्य 12 स्टेशनों पर 'हाई लेवल प्लेटफॉर्म' तथा हरंगुळ, बोरीबेल सहित 6 स्टेशनों पर 'फुट ओवर ब्रिज' का निर्माण प्रस्तावित है।
आषाढी एकादशी मेला और भीड़ प्रबंधन
सोलापूर मंडल ने आषाढी एकादशी मेला 2025 के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ का सफल प्रबंधन किया। 6 जुलाई 2025 के मुख्य दिन पर 42,400 यात्रियों की आवाजाही को संभाला गया। इस अवधि में यात्रियों की संख्या में 23.24% और आय में 25.40% की वृद्धि हासिल की गई। "शून्य चोट" और "शून्य हताहत" के साथ सुरक्षा मानकों का अनुकरणीय पालन किया गया, जो प्रभावी नियोजन को दर्शाता है।
गैर-किराया राजस्व और यात्री केंद्रित नवाचार
भाड़े के अलावा अन्य स्रोतों (NFR) से ₹2.66 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 31.69% की वृद्धि है। व्यावसायिक विज्ञापन, कियोस्क, आरडीएन, पार्किंग और रेल कोच रेस्टोरेंट जैसे अनुबंधों से वार्षिक ₹91.95 लाख का राजस्व मिल रहा है। नवाचारों के तहत सोलापूर, कलबुरगी और जेऊर जैसे स्टेशनों पर 'डिजिटल एक्सेस मैप बोर्ड' लगाए गए हैं। मध्य रेलवे में पहली बार सोलापूर मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए 'बायोमेट्रिक साइन-ऑन/ऑफ' प्रणाली शुरू की गई है। सोलापूर-मुंबई 'वंदे भारत' ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं और दृष्टिहीन यात्रियों के लिए सोलापूर एवं कलबुरगी स्टेशनों पर 'ब्रेल लिपि साइन' लगाए गए हैं। माल ढुलाई में पंढरपूर से रामनगरम (कर्नाटक) तक रेशम कोसा भेजने जैसा अनूठा कार्य भी किया गया। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए साइडिंग शुल्क के रूप में ₹9.23 करोड़ की बकाया वसूली भी सुनिश्चित की गई है।

Pratahkal Bureau
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