भारतीय रेलवे ने सेंट्रल रेलवे के सोलापुर मंडल के सात स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) की व्यवस्था के लिए कुल ₹209 करोड़ की मंजूरी दी है। यह स्वीकृत कार्य हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN) 7 रूट पर किया जाएगा, जहां कवच, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (ABS) और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल (CTC) के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।

स्वीकृत परियोजना के तहत मोहोल, मुंडेवाड़ी, बाले, सोलापुर, हॉटगी जंक्शन-हॉटगी ए केबिन, शाहाबाद और वाडी जंक्शन स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली से मंडल में रेलवे के सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच के कार्यान्वयन में भी सुविधा होगी।

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक आधुनिक कंप्यूटर आधारित सिग्नलिंग प्रणाली है, जो पारंपरिक रिले आधारित इंटरलॉकिंग की जगह लेती है। यह प्वाइंट और सिग्नल का अधिक विश्वसनीय नियंत्रण उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही खराबी का तेजी से पता लगाने और उसे दूर करने, रखरखाव को आसान बनाने तथा अधिक दक्षता के साथ ट्रेनों के संचालन में सहायता मिलती है।

भारतीय रेलवे के अनुसार, यह परियोजना हाई डेंसिटी रूट पर सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने और परिचालन दक्षता में सुधार के लगातार जारी प्रयासों का हिस्सा है।

यह प्रेस विज्ञप्ति 19 सितंबर 2026 को शाम 4:15 बजे PIB दिल्ली द्वारा जारी की गई। विज्ञप्ति में धमेंद्र तेवारी, डॉ. नयन सोलंकी और माणिक शर्मा के नाम दर्ज हैं। इसका रिलीज आईडी 2312391 है।

Pratahkal Bureau

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