सोलापुर। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर बुधवार, 2 अक्टूबर 2025 को मध्य रेल के सोलापुर मंडल ने स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के अंतर्गत ‘स्वच्छ भारत दिवस’ मनाया। यह दिन केवल श्रद्धांजलि का नहीं बल्कि गांधीजी के उस शाश्वत दृष्टिकोण को आत्मसात करने का था, जिसमें स्वच्छता को राष्ट्रीय चरित्र और सामाजिक उत्तरदायित्व का आधार माना गया है।

सुबह का समय सोलापुर स्टेशन पर विशेष उत्साह का साक्षी बना। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) डॉ. सुजीत मिश्रा ने डीआरएम कार्यालय से सोलापुर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार तक एक वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वॉकथॉन में करीब 150 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए, जिन्होंने गांधीजी के संदेश—स्वच्छता और अनुशासन—को अपने कदमों से जीवंत कर दिया। स्टेशन परिसर में गूंजते नारे और हाथों में तख्तियां इस बात का प्रतीक थीं कि स्वच्छता अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प है।

वॉकथॉन के बाद डीआरएम ने स्टेशन प्रबंधक कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गांधीजी को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान सीनियर डीएमई, सीनियर डीसीएम, सीनियर डीईएन (को), सीनियर डीएफएम, सीनियर डीईएन (सी), सीएमएस, एडीएमई, एएससी और स्टेशन प्रबंधक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। डीआरएम ने उपस्थित सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई और इस अवसर को जन-जागरूकता के माध्यम से सामूहिक जिम्मेदारी में बदल दिया।

यात्रियों को सीधे जोड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर 1 पर ‘अमृत संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां सांस्कृतिक दल ने “स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने” पर केंद्रित एक विचारोत्तेजक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। उद्यान एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों से यात्रा कर रहे यात्रियों ने इस प्रस्तुति को ध्यानपूर्वक देखा और कलाकारों के प्रयासों की सराहना की। संदेश सरल था, परंतु गहरा—रेलवे का हर यात्री, हर कर्मचारी स्वच्छता की जिम्मेदारी में सहभागी है।

दिनभर चले इन कार्यक्रमों का समापन वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (सीनियर डीएमई) राम लाल प्यासे ने किया। उन्होंने स्वच्छता रैली में सक्रिय भागीदारी करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान-2025 के समापन की औपचारिक घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती को ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के रूप में मनाना महात्मा गांधी के आदर्शों को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम है।

सोलापुर मंडल की यह गतिविधियाँ केवल एक शहर तक सीमित नहीं रहीं। लातूर, कलबुरगि, धाराशिव, कुर्डुवाडी, वाडी और पंढरपुर सहित विभिन्न डिपो और स्टेशनों पर भी रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हर जगह नागरिकों और रेलवे कर्मचारियों ने समान जोश के साथ भाग लिया, जिससे यह दिन क्षेत्रीय स्तर पर स्वच्छता और जन-सहभागिता का उत्सव बन गया।

इन आयोजनों ने साफ कर दिया कि गांधीजी का स्वच्छ भारत का सपना केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता और भविष्य की राह है। सोलापुर मंडल ने अपनी सक्रिय भागीदारी और जागरूकता पहलों के जरिए यह संदेश दिया कि रेलवे केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचाने का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जन-जागरूकता का भी महत्वपूर्ण मंच है।

गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत दिवस का यह आयोजन दिखाता है कि स्वच्छता, सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने महात्मा गांधी के समय थे। सोलापुर मंडल की यह पहल उनके सपनों के भारत को साकार करने की दिशा में एक और ठोस कदम है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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