नागपुर मंडल: सेवाग्राम स्टेशन पर शुरू हुई अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली
मध्य रेल ने 26 साल पुरानी सीमेंस प्रणाली को हटाकर आधुनिक 'क्यौसान' तकनीक लागू की, जिससे ट्रेनों के परिचालन और सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।

मध्य रेल के नागपुर मंडल अंतर्गत सेवाग्राम स्टेशन पर 7 जून 2026 को नई 'क्यौसान' डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल परिचालन शुरू किया गया।
भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में मध्य रेल के नागपुर मंडल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए तकनीक और सुरक्षा का एक नया अध्याय लिखा है। 07 जून 2026 की तारीख रेलवे के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प में एक मील का पत्थर बनकर उभरी, जब सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक 'क्यौसान' (KYOSAN) डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को सफलतापूर्वक चालू किया गया। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी कौशल का प्रमाण है, बल्कि जटिल यार्ड रिमॉडलिंग कार्य और सिगनलिंग आधुनिकीकरण के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य सेवाग्राम स्टेशन की परिचालन क्षमता को नई ऊंचाई देना था। इसके तहत, 26 वर्ष पुरानी सीमेंस पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को हटाकर उसे आधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से प्रतिस्थापित किया गया है। यह परिवर्तन रेलवे के सिगनलिंग तंत्र की विश्वसनीयता, रखरखाव की सुगमता और परिचालन दक्षता में क्रांतिकारी सुधार लेकर आया है। यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए दो ग्राउंड फ्रेम पॉइंट्स को पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और परिचालन की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, यूडीएल-1 और यूडीएल-3 लाइनों का प्रावधान रेल यातायात प्रबंधन में नई लचीलापन और क्षमता प्रदान करेगा।
यार्ड के पुनर्गठन ने विभिन्न लाइनों की क्रॉसिंग स्टेशन रिसीविंग क्षमता को पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत कर दिया है। अप लूप लाइन की क्षमता 705 मीटर से बढ़कर 780.181 मीटर हो गई है, जबकि डाउन मेन लाइन की क्षमता 585 मीटर से उछलकर 926.212 मीटर तक पहुंच गई है। इसी प्रकार, अप लूप लाइन की क्षमता में 82 मीटर का इजाफा हुआ है और अप/डाउन कॉमन लूप लाइन को 854 मीटर तथा डाउन लूप लाइन को 835.902 मीटर तक बेहतर किया गया है।
मध्य रेल के जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह उन्नत यार्ड कॉन्फ़िगरेशन और आधुनिक सिगनलिंग प्रणाली भविष्य में लंबी ट्रेनों के सुरक्षित और सुगम संचालन में सहायक सिद्ध होगी। यह बदलाव न केवल माल ढुलाई बल्कि यात्री यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करता है। सेवाग्राम स्टेशन पर इस तकनीक का सफल क्रियान्वयन मध्य रेल के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत नेटवर्क का आधुनिकीकरण और रेल गलियारों की क्षमता को अधिकतम करना शामिल है। यह तकनीकी बदलाव आने वाले समय में रेलवे के परिचालन को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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