रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेल यात्रियों, रेलवे परिसंपत्तियों, बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा रेलवे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न विशेष अभियानों का संचालन किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इन अभियानों के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया, जरूरतमंदों की सहायता की गई तथा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की गई। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार "भारतीय रेल प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराती है। इस विशाल रेल नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आरपीएफ न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा करता है, बल्कि रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा करने के साथ-साथ बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद यात्रियों की सहायता के लिए भी निरंतर सक्रिय रहता है।" इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं।

ऑपरेशन नारकोस और सतर्क के तहत भारी जब्ती

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन नारकोस” के तहत इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई। इस अभियान के अंतर्गत कुल 51 मामलों का पता लगाया गया। इन मामलों में अफीम, डोडा पोस्त, डोडा चूरा एवं गांजा जैसे अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 79 लाख 43 हजार 435 रुपये आंकी गई। इस कार्रवाई के दौरान कुल 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। यह अभियान रेलवे क्षेत्र में नशे की तस्करी पर नियंत्रण के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ। इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन सतर्क” के तहत अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध भी व्यापक अभियान चलाया गया। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में कुल 191 मामलों का पता लगाया गया, जिनमें 55 लाख 67 हजार 312 रुपये मूल्य की अवैध शराब बरामद कर 88 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों तथा जब्त की गई शराब को अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु राजकीय रेलवे पुलिस, आबकारी विभाग तथा आयकर विभाग को सुपुर्द किया गया। इस अभियान के माध्यम से रेलवे के माध्यम से होने वाली अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता प्राप्त हुई।

नन्हे फरिश्ते और आहट: बच्चों का सफल रेस्क्यू

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाया गया “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण मानवीय अभियान है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में ऐसे बच्चों की पहचान की गई जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे या बिना बताए घर से भागकर रेलवे स्टेशनों पर पहुंच गए थे। इस अभियान के दौरान कुल 662 नाबालिग बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित रूप से बचाया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने इन बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन तथा संबंधित सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द किया। यह कार्य मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा समाज में रेलवे सुरक्षा बल की सकारात्मक भूमिका को दर्शाता है। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल द्वारा इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक दौरान "ऑपरेशन आहट" के तहत 42 बच्चों को रेस्क्यू करते हुए 11 मानव तस्करों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लाई गई।

ऑपरेशन उपलब्ध: टिकट दलालों पर सर्जिकल स्ट्राइक

रेलवे में अवैध टिकट दलाली पर रोक लगाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन उपलब्ध” चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक अवैध टिकट दलालों के विरुद्ध विशेष कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 105 आरोपियों को अवैध टिकट दलाली करते हुए पकड़ा गया। आरोपियों के पास से 163 लाइव ई-रेल टिकट, जिनकी कीमत 6 लाख 26 हजार 408 रुपये थी, तथा 2156 यात्रा टिकट, जिनकी कीमत 42 लाख 78 हजार 293 रुपये थी, जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त 256 आईआरसीटीसी आईडी को भी ब्लॉक किया गया। पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध रेल अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। इस अभियान से अवैध टिकट दलाली की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ और आम यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में होने वाली कठिनाइयों में कमी आई।

यात्री सुरक्षा और अमानत: करोड़ों की संपत्ति की रक्षा

रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” भी चलाया गया। इस अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं सवारी गाड़ियों में यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर जेबतराशी और चोरी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक इस अभियान के अंतर्गत कुल 213 मामलों में कार्रवाई करते हुए 253 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं "ऑपरेशन अमानत" के तहत ड्यूटी के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों ने ईमानदारी और सेवा भावना का परिचय देते हुए यात्रियों के खोए हुए सामान को ढूंढकर उन्हें वापस सौंपा। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में कुल 1829 यात्रियों के लगभग 3 करोड़ 60 लाख 73 हजार रुपये मूल्य के सामान को सुरक्षित रूप से उनके मालिकों को लौटाया गया। इस अभियान से यात्रियों में रेलवे सुरक्षा बल के प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई।

ऑपरेशन जीवन रक्षा, सेवा और डिग्निटी

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा “ऑपरेशन जीवन रक्षा” के अंतर्गत ऐसे यात्रियों की जान बचाने के लिए तत्परता दिखाई जाती है जो चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। इस वित्तीय वर्ष में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में ऐसे कई मामलों में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए 29 यात्रियों की जान बचाई। इन घटनाओं में यात्री चलती ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय पैर फिसलने के कारण प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसकर घिसटने लगे थे, लेकिन मौके पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सुरक्षित बचा लिया। इसी प्रकार “ऑपरेशन सेवा” के तहत 62 जरूरतमंद यात्रियों को यात्रा के दौरान व्हीलचेयर, प्राथमिक चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। बेसहारा लोगों के लिए “ऑपरेशन डिग्निटी” चलाया गया, जिसके तहत कुल 288 पुरुष एवं 170 महिलाओं को अपना घर आश्रम, मेरी पहल संस्थान तथा मुख्यमंत्री पुनर्वास योजना के अंतर्गत सुरक्षित रूप से भेजा गया।

मेरी सहेली योजना: महिला सुरक्षा सर्वोपरि

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक "मेरी सहेली योजना" के तहत 16 सवारी गाड़ियों को चिन्हित किया गया है। महिला यात्रियों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुये उपरे क्षेत्राधिकार में चलने वाली उक्त सवारी गाडियों में महिला रे.सु.ब स्टाफ की 09 टीमों के द्वारा 173256 महिला यात्रियों को अटेण्ड किया गया और उन्हें सहायता प्रदान करते हुए गन्तव्य स्थान तक सुरक्षित पहुंचाया गया। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ये सभी अभियान यात्रियों की सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। रेलवे सुरक्षा बल भविष्य में भी इसी प्रकार सक्रियता, तत्परता और सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए रेलवे क्षेत्र को सुरक्षित, संरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story