रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला में राजभाषा बैठक: 'अरुणोदय' पत्रिका का विमोचन
रेडिका महाप्रबंधक अजय नंदन की अध्यक्षता में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक संपन्न, उत्कृष्ट कार्य के लिए कर्मचारी सम्मानित।

कपूरथला। भारतीय रेल की प्रतिष्ठित उत्पादन इकाई, रेल डिब्बा कारखाना (रेडिका) कपूरथला के प्रशासनिक गलियारों में आज हिंदी की गूंज और अधिक मुखर हो उठी। संस्थान में राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन को नई ऊर्जा और सुदृढ़ता प्रदान करने के उद्देश्य से राजभाषा कार्यान्वयन समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की कमान रेडिका के महाप्रबंधक श्री अजय नंदन ने संभाली, जिनकी उपस्थिति ने राजभाषा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और अधिक बल दिया।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु कार्यालयीन कार्यों में हिंदी की स्वीकार्यता और उसकी प्रगति की समीक्षा रहा। चर्चा की शुरुआत करते हुए वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री विनोद कटोच ने पिछली तिमाही का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने न केवल आंकड़ों के माध्यम से हिंदी के बढ़ते ग्राफ को दर्शाया, बल्कि आगामी कार्ययोजना की एक सुस्पष्ट रूपरेखा भी पटल पर रखी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी कामकाज में राजभाषा का गौरव अक्षुण्ण रहे।
महाप्रबंधक श्री अजय नंदन ने इस अवसर पर राजभाषा विभाग की सक्रियता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में हिंदी का बढ़ता प्रयोग न केवल संवैधानिक दायित्व है, बल्कि यह जनमानस से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए आह्वान किया कि राजभाषा नीति का अनुपालन केवल औपचारिक न होकर एक निरंतर प्रयास होना चाहिए।
समारोह का सबसे उत्साहजनक क्षण वह रहा जब हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न बौद्धिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया। निबंध लेखन, हिंदी टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन, तथा वाक् प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले कार्मिकों को महाप्रबंधक के हाथों पुरस्कार प्राप्त हुए। इसके साथ ही 'राजभाषा उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार' से उन कर्मयोगियों को नवाजा गया जिन्होंने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी को प्राथमिकता दी।
इस भव्य आयोजन को एक ऐतिहासिक स्मृति प्रदान करते हुए राजभाषा विभाग की प्रतिष्ठित वार्षिक पत्रिका "अरुणोदय" का विमोचन किया गया। यह पत्रिका संस्थान की साहित्यिक अभिरुचि और राजभाषा के प्रति उसके समर्पण का जीवंत दस्तावेज है। बैठक का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जहां सभी उपस्थित अधिकारियों ने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी की प्रभावशीलता बढ़ाने और इसे कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने की शपथ ली। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक बैठक थी, बल्कि रेडिका के गौरवशाली सफर में राजभाषा के बढ़ते प्रभुत्व का एक नया अध्याय भी रहा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
