मुंबई। मध्य रेल ने तकनीकी प्रगति की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए असेट मैनेजमेंट के लिए दो नए डिजिटल एप्लीकेशन – सुगमरेल और रेल-अर्थ – लॉन्च किए हैं। इन दोनों एप्लीकेशनों का उद्घाटन मध्य रेल के महाप्रबंधक धर्मवीर मीना ने हाल ही में किया। विद्युत विभाग द्वारा आंतरिक रूप से विकसित इन डिजिटल समाधानों का मार्गदर्शन मध्य रेल के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर अनूप कुमार अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, प्रमुख विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

सुगमरेल : लिफ्ट और एस्केलेटरों का डिजिटल रखरखाव

सुगमरेल एक व्यापक असेट मैनेजमेंट प्रणाली है, जिसे रेलवे स्टेशनों पर स्थापित लिफ्ट और एस्केलेटरों के रखरखाव तथा विफलता विश्लेषण के लिए तैयार किया गया है। यह पूरी तरह पेपर-लेस प्लेटफॉर्म है, जो रखरखाव अनुसूचियों और निरीक्षण रिपोर्टों को डिजिटल माध्यम से एकीकृत करता है।

यह एप्लीकेशन बार-बार होने वाली खराबियों या रखरखाव की नियत तारीख निकलने पर अलर्ट भेजता है। इसके अलावा, यह असेट-वाइज और कॉज-वाइज विफलता का विश्लेषण भी उपलब्ध कराता है। औसत विफलता समय (MTBF) और रखरखाव अनुपालन दर जैसे संकेतकों के माध्यम से लिफ्ट और एस्केलेटरों की विश्वसनीयता का आकलन किया जाता है।

सुगमरेल का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को सीधा मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य है। यह एप न केवल खराबी की संभावना कम करता है बल्कि त्वरित समस्या निवारण और निर्धारित रखरखाव को भी संभव बनाता है।

रेल-अर्थ : विद्युत अर्थिंग पिट्स का डिजिटल समाधान

दूसरा एप्लीकेशन रेल-अर्थ विद्युत अर्थिंग पिट्स के प्रबंधन को मैन्युअल प्रणाली से हटाकर एक केंद्रीकृत और डेटा-ड्रिवन प्लेटफॉर्म पर ले जाता है। प्रत्येक अर्थिंग पिट्स को एक यूनिक नंबर दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों को उसकी लोकेशन, संबद्ध असेट और निरीक्षण इतिहास जैसी जानकारी तुरंत मिल सके।

रेल-अर्थ सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। यह एप अनहेल्दी पिट्स (जिनका प्रतिरोध 5 ओम या उससे अधिक हो) और अतिदेय निरीक्षणों के लिए तुरंत अलर्ट भेजता है। साथ ही, यह अनिवार्य प्री-मानसून कंप्लायंस रिपोर्ट तैयार करने की सुविधा देता है। इससे संरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होता है और बिजली के झटकों की आशंका को कम किया जा सकता है।

रेल-अर्थ न केवल जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा को बढ़ाता है, बल्कि विद्युत प्रणालियों को नुकसान से भी बचाता है। इससे आकस्मिक मरम्मत और डाउनटाइम की लागत घटेगी तथा संगठन में सुरक्षा की संस्कृति को और मजबूत किया जा सकेगा।

रेलवे के डिजिटल भविष्य की ओर कदम :

मध्य रेल का यह कदम परिचालन को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सुगमरेल जहां यात्रियों को लिफ्ट और एस्केलेटर की विश्वसनीय सेवाएं देगा, वहीं रेल-अर्थ रेलवे की विद्युत संरचना को सुरक्षित और टिकाऊ बनाएगा। इन दोनों डिजिटल एप्लीकेशनों के लॉन्च के साथ, मध्य रेल ने न केवल तकनीक का बेहतर उपयोग दिखाया है, बल्कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और संगठनात्मक दक्षता को भी नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया है।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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