रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला में तनाव और अहंकार प्रबंधन पर विशेष सेमिनार आयोजित
रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला में तनाव और अहंकार प्रबंधन पर विशेष सेमिनार हुआ। राजयोगिनी उषा दीदी ने तनाव के कारणों, सकारात्मक सोच, आत्म-जागरूकता और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन पर विचार साझा किए।

तस्वीर में राजयोगिनी उषा दीदी रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला के सभागार में आयोजित सेमिनार के दौरान मंच से उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित कर रही हैं।
रेल डिब्बा कारखाना, कपूरथला में अधिकारियों और कर्मचारियों के तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच तथा स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 सितंबर 2026 को “Managing Stress & Ego – The Key to Happiness” विषय पर विशेष सेमिनार एवं वार्ता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता राजयोगिनी उषा दीदी, वरिष्ठ राजयोग टीचर, ब्रह्म कुमारी, माउंट आबू, आरसीएफ के महाप्रबंधक श्री अजय नंदन और श्रीमती नविता नंदन, अध्यक्ष, आरसीएफ महिला कल्याण संगठन ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सेमिनार में आरसीएफ के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवारों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य तनाव प्रबंधन, आंतरिक शांति, सकारात्मक सोच और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन के माध्यम से बेहतर एवं खुशहाल जीवन की दिशा में प्रेरित करना था।
मुख्य वक्ता राजयोगिनी उषा दीदी ने अपने संबोधन में तनाव के कारणों और उसके प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने तनाव प्रबंधन, आंतरिक शांति, सकारात्मक सोच, अहंकार पर नियंत्रण तथा स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्म-जागरूकता और संतुलित सोच अपनाकर तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
महाप्रबंधक श्री अजय नंदन ने विशेष वार्ता की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यक्रम में दिए गए संदेश एवं सुझावों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन न केवल व्यक्तिगत खुशहाली के लिए, बल्कि कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण और कार्यक्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों ने राजयोगिनी उषा दीदी की वार्ता को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक सोच, आंतरिक शांति और तनावमुक्त जीवन के संदेश के साथ हुआ।

