रायबरेली: मॉडर्न कोच फैक्ट्री ने 2126 कोच बनाकर रचा नया कीर्तिमान
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोच उत्पादन में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और पहली वंदे भारत ट्रेनसेट का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।

आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (एमसीएफ), रायबरेली ने भारतीय रेलवे के मानचित्र पर अपनी स्वर्णिम उपस्थिति दर्ज कराते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोच उत्पादन का अब तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। कोविड-19 की चुनौतियों के पश्चात निरंतर अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहे एमसीएफ ने इस वर्ष कुल 2126 कोचों का निर्माण कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। यह आंकड़ा कारखाने के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्मित 2025 कोचों की तुलना में इस वर्ष लगभग 5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इस गौरवशाली वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि एमसीएफ द्वारा अपनी पहली "वंदे भारत" ट्रेनसेट के विनिर्माण को सफलतापूर्वक पूर्ण करना रही है। वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी ट्रेनसेट का एक रैक परीक्षण के दौर से गुजर रहा है, जिसे शीघ्र ही परिचालन हेतु संबंधित जोनल रेलवे को सौंप दिया जाएगा। उत्पादित 2126 कोचों की विस्तृत श्रृंखला में वंदे भारत कोच, मेमू (MEMU) कोच, दीन दयालु कोच, स्लीपर कोच, 3-टियर इकोनॉमी कोच, एसी 3-टियर कोच, जनरल चेयर कार, पावर कार, 2-टियर कोच, दिव्यांगजनों के लिए विशेष कोच, तेजस कोच, पार्सल वैन और एसी चेयर कार सहित अन्य कई प्रकार के रोलिंग स्टॉक शामिल हैं। कोचों के साथ-साथ पुर्जों के निर्माण में भी अभूतपूर्व प्रगति देखी गई, जहाँ 2168 कोच सेट बोगी, 2205 कोच शेल असेंबली और 2182 व्हील सेट का रिकॉर्ड उत्पादन किया गया।
फोर्ज्ड व्हील उत्पादन के क्षेत्र में भी एमसीएफ ने सफलता के नए प्रतिमान गढ़े हैं। 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को साकार करते हुए उन्नत तकनीकों के माध्यम से एलएचबी (LHB) और लोकोमोटिव पहियों का निर्माण किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 50,000 पहियों के लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए कारखाने ने कुल 62,938 पहियों का फोर्जिंग कार्य संपन्न किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 54 प्रतिशत अधिक है। गुणवत्ता जांच में खरे उतरे 59,161 फिनिश्ड पहियों का उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले 77 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है। रेल मंत्रालय के अधीन फोर्ज्ड व्हील प्लांट के अधिग्रहण के बाद से इसके उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 60,000 पहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाप्रबंधक श्री विवेक खरे ने इसका श्रेय प्रमुख विभागाध्यक्षों के कुशल नेतृत्व और पूरी 'टीम एमसीएफ' के समर्पण को दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, यूनियन प्रतिनिधियों और अनुबंध श्रमिकों को बधाई देते हुए इसी ऊर्जा के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया। श्री खरे ने स्पष्ट किया कि एमसीएफ रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी सफलता के नए मील के पत्थर स्थापित करता रहेगा।

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