पुणे जंक्शन रेलवे स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास और विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 17 जून 2026 को स्टेशन परिसर में ‘पुणे यार्ड रिमॉडेलिंग’, छह नए प्लेटफॉर्म के निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा।

यह परियोजना पश्चिम भारत के प्रमुख रेलवे केंद्रों में से एक पुणे जंक्शन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक आधुनिक और उच्च क्षमता वाले टर्मिनल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Pune Junction railway station, जो पहले से ही मध्य रेल का एक अत्यंत व्यस्त स्टेशन है, प्रतिदिन लाखों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है और शहर तथा आसपास के औद्योगिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

वर्तमान में पुणे जंक्शन पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन के लिए छह मुख्य प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिनमें से केवल दो प्लेटफॉर्म ही 22 से अधिक कोच वाली लंबी ट्रेनों को संभालने में सक्षम हैं। स्टेशन पर प्रतिदिन 200 से अधिक ट्रेनें आगमन, प्रस्थान या टर्मिनेशन से गुजरती हैं, जबकि करीब 1.5 लाख यात्री प्रतिदिन इसकी सेवाओं का उपयोग करते हैं। मौजूदा ढांचा अपनी अधिकतम क्षमता पर कार्य कर रहा है, जिसके चलते इसके विस्तार और पुनर्विकास की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 473 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक यार्ड पुनर्रचना, छह नए पूर्ण लंबाई वाले प्लेटफॉर्मों का निर्माण और तीसरे प्रवेश द्वार का विकास प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के तहत प्लेटफॉर्म संख्या 7 से 12 तक नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जबकि प्लेटफॉर्म 2 से 6 का विस्तार कर उन्हें 24 से 26 कोच वाली ट्रेनों के संचालन के लिए सक्षम बनाया जाएगा। परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए ‘डबल डायमंड स्लिप’ को हटाने और ‘अप’ तथा ‘डाउन’ रन-थ्रू लाइनों की व्यवस्था भी की जा रही है।

रेल परिचालन को और सुचारु बनाने के लिए हडपसर और घोरपड़ी कोचिंग मेंटेनेंस कॉम्प्लेक्स के बीच तीसरी अतिरिक्त लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिससे उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में संतुलन स्थापित किया जा सकेगा। सुरक्षा और तकनीकी सुधार के तहत नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली, ईआई भवन और तीन ऑब्जेक्ट कंट्रोलर भवनों का निर्माण भी शामिल है, जिससे परिचालन की विश्वसनीयता और सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। Central Railway के अंतर्गत यह परियोजना आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और लोकोमोटिव मेंटेनेंस सुविधाओं को भी सुदृढ़ करेगी।

यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नए प्लेटफॉर्मों पर शेड, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पंखे, मानकीकृत संकेतक और ट्रेन सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आर.बी. मिल रोड की ओर एक नया तीसरा प्रवेश एवं निकास द्वार भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें बुकिंग ऑफिस, टीसी कार्यालय और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए एक 6 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज और पुरानी व नई प्लेटफॉर्म लाइनों को जोड़ने वाला स्काईवॉक भी प्रस्तावित है, साथ ही एक स्थायी होल्डिंग एरिया का विकास भी किया जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने के बाद पुणे जंक्शन की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे न केवल भीड़भाड़ में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पहल पुणे को भविष्य के एक अत्याधुनिक रेलवे हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

Pratahkal Bureau

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