सेंट्रल रेलवे के पुणे मंडल में घोरपुरी-हडपसर तीसरी रेल लाइन का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ पुणे-हडपसर रेलखंड में परिचालन क्षमता बढ़ाने, मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम करने और पुणे स्टेशन पर परिचालन दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम पूरा हुआ है। इस कार्य के दौरान पुणे के रूट रिले इंटरलॉकिंग और हडपसर के मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में आवश्यक बदलाव भी किए गए।

घोरपुरी-हडपसर तीसरी लाइन शुरू होने से पुणे-दौंड सेक्शन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और माल यातायात की गतिशीलता बेहतर होगी। इससे रेक की आवाजाही अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यह लाइन रेक मेंटेनेंस डिपो और प्रस्तावित हडपसर सैटेलाइट टर्मिनल के बीच समर्पित ट्रांसफर लाइन के रूप में काम करेगी। इससे अप और डाउन मुख्य लाइन के परिचालन को प्रभावित किए बिना हडपसर से नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने में सुविधा होगी।

तीसरी लाइन रेक गठन, छंटाई, इंजन और ब्रेक-वैन के रिवर्सल तथा अन्य शंटिंग कार्यों के लिए वैकल्पिक शंटिंग नेक के रूप में भी काम करेगी। इससे मुख्य लाइन पर होने वाली डिटेंशन कम होगी और ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार होगा। इसके साथ ही हडपसर सैटेलाइट टर्मिनल के माध्यम से ट्रांसफर और परिचालन गतिविधियों को संचालित करने में सुविधा मिलने से पुणे स्टेशन पर भीड़ और परिचालन दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

परियोजना के तहत 15 दिनों की अवधि में विभिन्न तकनीकी और ट्रैक संबंधी कार्य पूरे किए गए। पुणे में 32 नए या परिवर्तित रूट तैयार किए गए तथा मौजूदा KYOSAN K5D मेक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव किया गया। 140 ऑटो टेंशनिंग डिवाइस बदले गए और 6 नए या परिवर्तित पॉइंट मशीन लगाए गए।

हडपसर में 28 नए या परिवर्तित रूट तैयार किए गए। इंसुलेटेड ओवरलैप और सेक्शन इंसुलेटर बदले गए। 9 नए या परिवर्तित सिग्नल तथा 1 नया या परिवर्तित पॉइंट मशीन लगाया गया। 900 मीटर क्षतिग्रस्त कॉन्टैक्ट वायर को बदला गया, जिससे गति 75 से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा बहाल हो गई।

परियोजना के दौरान 11 नए या परिवर्तित ट्रैक, 6 नए या परिवर्तित सिग्नल, नए पोर्टल लगाने और जंग लगे पोर्टल हटाने का काम किया गया। हडपसर की ओर 24 नए या परिवर्तित ICC लगाए गए। इसके अलावा 4 DC ट्रैक सर्किट और टर्नआउट क्षेत्रों में AC ब्रैकेट की व्यवस्था की गई।

इन कार्यों के साथ रेल नवीनीकरण, टैम्पिंग, डिस्ट्रेसिंग, ग्रीसिंग, पैकिंग और वेल्डिंग का काम भी किया गया। कार्य को 15 दिनों में पूरा करने के लिए ट्रैक रिलेइंग, ड्यूओमैटिक, पोकेलेन, हाइड्रा, JCB और गैस कटिंग उपकरणों की मदद ली गई।

इस कार्य में कुल 745 कर्मचारियों को लगाया गया, जिनमें 485 संविदा कर्मचारी और 260 विभागीय कर्मचारी शामिल थे।

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, घोरपुरी-हडपसर तीसरी लाइन का कमीशनिंग पुणे रेलवे यार्ड के डी-कंजेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे परिचालन में लचीलापन बढ़ेगा और यात्री तथा मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।

यह प्रेस विज्ञप्ति 5 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/10/07 है। इसे सेंट्रल रेलवे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल निला द्वारा जारी किया गया।

Pratahkal Bureau

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