उत्तर पश्चिम रेलवे: क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक संपन्न
बैठक में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गई और ई-पत्रिका 'मरुधरा' के नए अंक का विमोचन किया गया

उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारी 'मरुधरा' ई-पत्रिका का विमोचन करते हुए।
जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय स्थित 'संकल्प' सभाकक्ष में गुरुवार, 25 जून 2026 को क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 72वीं बैठक का गरिमामय आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता उत्तर पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक श्री अशोक माहेश्वरी ने की, जिसमें राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक कार्यों में इसकी प्रभावशीलता को लेकर व्यापक विमर्श किया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में मार्च-2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान क्षेत्रीय स्तर पर राजभाषा हिंदी की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों ने राजभाषा नीति के प्रावधानों के अनुरूप सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न मदों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के प्रारंभिक चरण में प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री अतुल सक्सेना ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर पश्चिम रेलवे पर राजभाषा के प्रयोग-प्रसार की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला और तिमाही के दौरान क्रियान्वित की गई प्रमुख गतिविधियों की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। श्री सक्सेना ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधान कार्यालय स्तर पर त्रैमासिक हिंदी ई-पत्रिका "मरुधरा" का प्रकाशन नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने आयोजित हिंदी कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं एवं पुरस्कार वितरण समारोहों की सफलता का विवरण साझा करते हुए समस्त अधिकारियों से अपना अधिकांश सरकारी कार्य हिंदी में निष्पादित करने का आग्रह किया, ताकि उनके आचरण से प्रेरणा लेकर अधीनस्थ कर्मचारी भी हिंदी में कार्य करने हेतु स्वतः प्रेरित हो सकें।
अपर महाप्रबंधक एवं समिति अध्यक्ष श्री अशोक माहेश्वरी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में राजभाषा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे का अधिकांश कार्यक्षेत्र राजभाषा नियमों के अंतर्गत 'क' क्षेत्र में आता है, अतः हिंदी में कार्य करना न केवल हमारा संवैधानिक उत्तरदायित्व है, बल्कि यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अपर महाप्रबंधक द्वारा "मरुधरा" ई-पत्रिका के 34वें अंक का विमोचन किया गया। इसके साथ ही, आधार वर्ष-2025 में हिंदी में सर्वाधिक डिक्टेशन देने के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों—प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. के. कृष्ण कुमार एवं मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) श्री विनोद कुमार—को प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कारों की इसी कड़ी में, वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी कामकाज (टिप्पण एवं प्रारूप लेखन) मूल रूप से हिंदी में करने वाले 10 विजेता प्रतिभागियों को भी प्रमाण-पत्रों से नवाजा गया।
बैठक के दौरान वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने कार्यसूची के अनुसार मदवार चर्चा का संचालन किया और राजभाषा के सुदृढ़ीकरण हेतु समिति सदस्यों से रचनात्मक सुझाव आमंत्रित किए। सदस्यों ने हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी व व्यावहारिक बनाने हेतु अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में उप मुख्य राजभाषा अधिकारी ने सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया और अध्यक्ष महोदय की अनुमति से आधिकारिक रूप से बैठक के समापन की घोषणा की।

