उत्तर पश्चिम रेलवे प्रधान कार्यालय, जयपुर के “संकल्प” सभाकक्ष में 10 सितंबर 2026 को क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 73वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री पंकज शर्मा ने की। इसमें जून 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान राजभाषा हिंदी की प्रगति की क्षेत्रीय स्तर पर समीक्षा की गई।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार बैठक में समिति के सदस्यों ने विभिन्न मदों में राजभाषा नीति के अनुरूप हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

बैठक की शुरुआत प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री अतुल सक्सेना के संबोधन से हुई। उन्होंने उत्तर पश्चिम रेलवे पर राजभाषा हिंदी के प्रयोग और प्रसार की स्थिति पर प्रकाश डाला तथा तिमाही के दौरान आयोजित प्रमुख गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधान कार्यालय स्तर पर राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है।

महाप्रबंधक एवं समिति अध्यक्ष श्री पंकज शर्मा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे का अधिकांश क्षेत्र राजभाषा नियमों के अंतर्गत ‘क’ क्षेत्र में आता है। ऐसे में राजभाषा हिंदी में कार्य करना हमारा संवैधानिक एवं नैतिक दायित्व है। उन्होंने मूल पत्राचार में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

श्री पंकज शर्मा ने संसदीय समिति से प्राप्त आश्वासनों पर त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह बैठक राजभाषा पखवाड़ा के दौरान आयोजित की जा रही है। इसके तहत विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं, हिंदी कार्यशालाओं आदि के आयोजन का प्रस्ताव है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों एवं अन्य अधिकारियों से अधिकाधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को इन गतिविधियों में सहभागिता के लिए प्रेरित करने को कहा।

बैठक के दौरान वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने कार्यसूची पर मदवार चर्चा की और समिति के सदस्यों से राजभाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। समिति के सभी सदस्यों ने राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए।

बैठक के अंत में उप मुख्य राजभाषा अधिकारी ने समिति के सभी सदस्यों को सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में हुई समीक्षा और दिए गए निर्देशों के साथ उत्तर पश्चिम रेलवे में राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार से जुड़े तिमाही कार्यों पर चर्चा पूरी हुई।

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