उत्तर पश्चिम रेलवे का स्वच्छता अभियान: 7,000 से अधिक स्थलों की सफाई, कबाड़ से कमाए ₹53.30 करोड़
उत्तर पश्चिम रेलवे ने सितंबर-अक्टूबर 2026 में तीन प्रमुख स्वच्छता अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्यों से अधिक उपलब्धियां हासिल कीं। 7,000 से अधिक स्थलों की सफाई, 1,275 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण और कबाड़ से ₹53.30 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया।

तस्वीर में उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी स्वच्छता पखवाड़े के दौरान स्वच्छता शपथ लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने स्वच्छता को निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाते हुए सितंबर और अक्टूबर 2026 के दौरान विभिन्न स्तरों पर व्यापक गतिविधियां संचालित कीं। 'स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026', 'स्वच्छता पखवाड़ा 2026' और 'विशेष अभियान 6.0' के तहत रेलवे परिसरों की सफाई, कचरा प्रबंधन, कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए कई पहल की गईं। इन अभियानों के दौरान निर्धारित लक्ष्यों से अधिक स्थलों की पहचान कर उनकी सफाई की गई। वहीं, कबाड़ के निपटान से उत्तर पश्चिम रेलवे ने 29 अक्टूबर 2026 तक ₹53.30 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक 'स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026' चलाया गया। इसके तहत रेलवे मुख्यालय, मंडलों और विभिन्न इकाइयों में स्वच्छता एवं जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के दौरान 6,265 इकाइयों के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 8,078 'क्लीन टारगेट यूनिट्स' (CTUs) की पहचान कर उनकी सफाई की गई।
सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 49 'सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर' आयोजित किए गए, जिनमें 1,275 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अलावा, मंडलों और इकाइयों में 'कबाड़ से जुगाड़' गतिविधि के तहत अनुपयोगी सामग्री से कलात्मक वस्तुएं तैयार की गईं और उन्हें रेलवे स्टेशनों तथा इकाइयों में प्रदर्शित किया गया। स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए श्रमदान कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) ने भाग लिया।
इसके बाद 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक उत्तर पश्चिम रेलवे में 'स्वच्छता पखवाड़ा 2026' मनाया गया। इस दौरान मुख्यालय, मंडलों और इकाइयों में स्वच्छता, साफ-सफाई तथा पर्यावरण जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत 1 अक्टूबर 2026 को "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" थीम पर राष्ट्रव्यापी श्रमदान किया गया। वहीं, 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर स्वच्छता शपथ दिलाई गई और "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पखवाड़े के दौरान प्रमुख रेलवे स्टेशनों, पैंट्री क्षेत्रों, प्रतीक्षालयों, रिटायरिंग रूम और प्रशासनिक भवनों में गहन सफाई अभियान चलाया गया। रेलवे परिसरों में पटरियों के किनारे जमा कचरे की सफाई, पुराने कचरे (लेगेसी वेस्ट) को हटाने, अनावश्यक पोस्टर और बैनर हटाने तथा गुटके के दाग-धब्बे साफ करने की गतिविधियां भी की गईं। इसके साथ ही 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026' (Solid Waste Management Rules, 2026) के प्रति जागरूकता अभियान चलाए गए। इनमें कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने और उसके जिम्मेदारीपूर्वक निपटान पर विशेष जोर दिया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे में 'विशेष अभियान 6.0' (Special Campaign 6.0) को दो चरणों में संचालित किया गया। पहला चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक तैयारी चरण (Preparatory Phase) के रूप में चला, जिसमें अभियान के तहत की जाने वाली गतिविधियों की योजना बनाने और उनकी पहचान करने पर ध्यान दिया गया। इसके बाद 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्यान्वयन चरण (Implementation Phase) में चिन्हित गतिविधियों को पूरा किया गया।
इस अभियान के तहत रेलवे मुख्यालय, मंडलों और इकाइयों में स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को संस्थागत बनाने के साथ भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई। पुराने और अनुपयोगी अभिलेखों को हटाने तथा प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ई-फाइलों को बंद करने की कार्रवाई की गई। कार्यस्थलों की व्यवस्था (Housekeeping) बेहतर बनाने और उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कबाड़, बेकार सामग्री तथा लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रही वस्तुओं की पहचान कर उन्हें हटाया गया।
विशेष अभियान 6.0 के दौरान कबाड़ के निपटान से 29 अक्टूबर 2026 तक उत्तर पश्चिम रेलवे को ₹53.30 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके साथ ही ई-कचरे (E-waste) और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों के उचित निपटान को बढ़ावा देने के लिए भी पहल की गई। अभियान के तहत 6,600 स्थलों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि इसके मुकाबले 7,000 से अधिक स्थलों की पहचान कर उनकी सफाई की गई।
इन अभियानों के अतिरिक्त 22 अक्टूबर 2026 को उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी स्टेशनों पर अखिल भारतीय स्तर पर 'रेल जन संवाद' का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आम जनता के साथ संवाद को बढ़ावा देना, यात्रियों की भागीदारी सुनिश्चित करना और नागरिकों पर केंद्रित रेलवे सेवाओं को अधिक मजबूत बनाना था।

