पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के स्टेशनों पर लिफ्ट की स्मार्ट निगरानी शुरू
रंगिया मंडल के न्यू बंगाईगांव और रंगिया स्टेशन पर 'आईआर-नियंत्रक' प्रणाली लागू, तकनीकी खराबी की मिलेगी तत्काल जानकारी।

रंगिया मंडल के रेलवे स्टेशन पर स्थापित लिफ्ट की तस्वीर।
मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने यात्री सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रंगिया मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर लिफ्ट की ऑनलाइन निगरानी के लिए भारतीय रेलवे नेटिव आईओटी आधारित 'यील्ड एनालिसिस, टेलीमेट्री, रिकॉर्डिंग एंड कंट्रोल' (आईआर-नियंत्रक) प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। यह नवाचार रेलवे की परिचालन उत्कृष्टता और तकनीक-सक्षम यात्री सेवाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह अत्याधुनिक 'आईआर-नियंत्रक' प्रणाली लिफ्टों की संचालन स्थिति की निरंतर निगरानी करती है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह किसी भी संभावित तकनीकी खराबी या संचालन संबंधी असामान्यताओं का तुरंत पता लगा लेती है। प्रणाली में लगी तकनीक तत्काल प्रभाव से अनुरक्षण कर्मियों को रियल-टाइम अलर्ट भेजती है, जिससे समय रहते सुधार संभव हो पाता है और यात्रियों को असुविधा नहीं होती। वर्तमान में, यह परियोजना रंगिया मंडल के अंतर्गत दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों की कुल चार लिफ्टों को कवर कर रही है, जिसमें न्यू बंगाईगांव और रंगिया में दो-दो लिफ्ट शामिल हैं। इस परियोजना का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
इस स्मार्ट निगरानी प्रणाली की सफल स्थापना रेलवे स्टेशनों को अधिक स्मार्ट, उत्तरदायी और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। इस पहल के माध्यम से भारतीय रेलवे अपने उस विजन को और मजबूती प्रदान कर रहा है, जिसके तहत प्रत्येक यात्री को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव सुनिश्चित कराया जा सके। आधुनिक तकनीक का समावेश न केवल परिचालन को सरल बना रहा है, बल्कि भविष्य की यात्री-अनुकूल व्यवस्थाओं के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार कर रहा है।

Naresh Ameta (Mumbai)
नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।
