मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने तिनसुकिया मंडल के अंतर्गत शिमलगुड़ी-मराणहाट सेक्शन में स्थायी गति प्रतिबंध (पीएसआर) को समाप्त करने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण कर्व पुनर्संरेखण परियोजना को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। इस अवसंरचनात्मक सुधार के माध्यम से रेलवे ने सुरक्षित और तेज यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। परियोजना के तहत, मौजूदा 3-डिग्री कर्व को बदलकर अधिक सुगम 2-डिग्री कर्व में परिवर्तित किया गया, जो रेल परिचालन की गुणवत्ता में सुधार के लिए अनिवार्य था।

इस जटिल इंजीनियरिंग कार्य के निष्पादन के दौरान, मौजूदा 3-डिग्री कर्व को लगभग 500 मीटर लंबी नवनिर्मित संरचना पर बिछाए गए नव-संरेखित 2-डिग्री कर्व के साथ सुचारु रूप से जोड़ा गया। इस प्रक्रिया में रेल पटरियों को अधिकतम 7.7 मीटर तक विस्थापित किया गया। तकनीक के साथ-साथ संरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए, रेलवे ने ओएचई (ओवरहेड उपकरण) मास्ट और वॉयर को भी कुशलतापूर्वक स्थानांतरित किया।

इस महत्वपूर्ण कार्य के पूर्ण होने से 500 मीटर लंबे सेक्शन पर लागू 95 कि.मी./घंटा की स्थायी गति प्रतिबंध (पीएसआर) को स्थायी रूप से हटा दिया गया है। अब यह सेक्शन 110 कि.मी./घंटा की अधिकतम परमिशिब्ल स्पीड (एमपीएस) के लिए पूरी तरह उपयुक्त हो गया है। एनएफआर द्वारा किया गया यह सुधार न केवल रेल संचालन को गति प्रदान करेगा, बल्कि यात्रियों के लिए यात्रा के समय में बचत और बेहतर परिचालन दक्षता सुनिश्चित करते हुए तिनसुकिया मंडल के रेल नेटवर्क की क्षमता को भी सुदृढ़ करेगा।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

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