मध्य रेलवे के भुसावल मंडल स्थित नंदुरा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो चुका है और जल्द ही इसे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। दस करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से इस स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाया गया है। हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य मार्ग पर स्थित यह स्टेशन बुलढाणा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण रेल प्रवेश द्वार है, जो यात्रियों के साथ-साथ कृषि उत्पादों और स्थानीय उद्योगों को देशभर के प्रमुख शहरों से जोड़ता है। वर्ष 1888 में कमीशन किए गए इस स्टेशन से प्रतिदिन औसतन 4,545 यात्री सफर करते हैं और यहां से रोजाना 26 ट्रेनें गुजरती हैं। नंदुरा शहर गेहूँ, सोयाबीन, प्याज और कपास के लिए एक प्रमुख कृषि बाजार है, साथ ही यह तेल मिलों और दाल प्रसंस्करण इकाइयों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां का प्रीमियम क्वालिटी का खवा पड़ोसी जिलों में काफी प्रसिद्ध है। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध नंदुरा में 105 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, अंबादेवीगढ़, शनि महाराज मंदिर, खंडोबा मंदिर और निम्बा देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल स्थित हैं। इसके अलावा श्री संत गजानन महाराज मंदिर, ज्ञानेगंगा वन्यजीव अभयारण्य और लोणार क्रेटर लेक जैसे पर्यटन स्थल भी इसके करीब मौजूद हैं।



अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन भवन में नया बुकिंग ऑफिस, चार बुकिंग काउंटर, विशाल यात्री प्रतीक्षालय, वातानुकूलित वेटिंग रूम, पुरुषों-महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग शौचालय, और कवर्ड प्रवेश पोर्च जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन परिसंचरण क्षेत्र में सुधार करते हुए नौ मीटर चौड़ा प्रवेश/निकास द्वार और 1,307 वर्ग मीटर का पार्किंग क्षेत्र बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक पेयजल कूलर, टिकाऊ फर्नीचर, विट्रिफाइड फ्लोरिंग और आकर्षक सीलिंग लगाई गई है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर 160 मीटर और प्लेटफॉर्म नंबर दो पर 224 मीटर के नए शेल्टर भी निर्मित किए गए हैं। सुरक्षा और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए मानक साइनेज, सजावटी लाइटिंग, टैक्टाइल पाथवे, दिव्यांगजन-अनुकूल शौचालय और कम ऊंचाई वाले बुकिंग काउंटर की व्यवस्था की गई है। भुसावल मंडल में महाराष्ट्र के 15 स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिनमें से सावदा, धुले, देवलाई, मूर्तिजापुर और लासलगांव को पहले ही राष्ट्र को समर्पित किया जा चुका है और अब नंदुरा इस सूची में शामिल होने वाला नया नाम है। यह आधुनिकीकरण न केवल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, स्थानीय वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। यह जानकारी मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल निला ने दी है।

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