मध्य रेल के नागपुर मंडल ने 14 महीने बाद फिर शुरू किया कपास का रेल परिवहन
नागपुर मंडल ने सड़क मार्ग से कपास यातायात छीनकर रेल मार्ग पर बहाल किया, पिंपलगांव से चेन्नई भेजी गई पहली खेप से रेलवे को मिला 19.92 लाख का राजस्व।

मध्य रेल के नागपुर मंडल ने माल ढुलाई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कपास की गांठों (कॉटन बेल) के परिवहन को सड़क मार्ग से पुनः रेल मार्ग पर स्थानांतरित करने में सफलता प्राप्त की है। पिछले 14 महीनों के लंबे अंतराल के बाद यह यातायात फिर से रेलवे के पास लौटा है, जो रेलवे की व्यावसायिक कुशलता को रेखांकित करता है। इस रणनीतिक सफलता के तहत मेसर्स सीटीए लॉजिस्टिक्स, अहमदाबाद ने पिंपलगांव (PMKT) से मेटालर्जिकल एंड इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स (MET), चेन्नई तक 21 बीसीएन (मिनी रेक) की लोडिंग की है। 1627 किलोमीटर की इस लंबी दूरी के परिवहन से रेलवे को 19.92 लाख रुपये का माल भाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है।
संबंधित पक्ष ने भविष्य में लगभग 1,00,000 कपास की गांठों की उपलब्धता का संकेत दिया है और समय पर रेक की आपूर्ति तथा तीव्र पारगमन समय सुनिश्चित होने की स्थिति में अधिकतम यातायात को सड़क से रेल पर स्थानांतरित करने की इच्छा जताई है। यह उपलब्धि नागपुर मंडल की टीम द्वारा किए गए निरंतर विपणन प्रयासों और ग्राहकों को कुशल एवं विश्वसनीय रेल सेवाएं प्रदान करने के प्रति उनके समर्पण का परिणाम है। मध्य रेल अपने ग्राहकों को निर्बाध और सक्षम लॉजिस्टिक समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और लॉजिस्टिक क्षेत्र में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यह प्रेस विज्ञप्ति डॉ. स्वप्निल नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई द्वारा 12 अप्रैल 2026 (पीआर संख्या 2026/04/18) को जारी की गई है।

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