मुंबई मंडल की बड़ी कार्रवाई: 2.10 लाख विनाटिकट यात्रियों से 13.13 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला
मध्य रेलवे के मुंबई मंडल ने 1 जून से 9 जुलाई 2026 के बीच 2.10 लाख विनाटिकट यात्रियों पर कार्रवाई कर 13.13 करोड़ रुपये वसूले। जानिए पूरी कार्रवाई और नई जुर्माना व्यवस्था।

तस्वीर में मध्य रेलवे के मुंबई मंडल द्वारा जारी एक इंफोग्राफिक दिख रहा है, जिसमें टिकट चेकिंग अभियान के तहत जुर्माना बढ़ाए जाने से पहले और बाद के आंकड़ों का तुलनात्मक विवरण ग्राफिक्स के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
मध्य रेलवे के मुंबई मंडल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर सख्ती बढ़ाते हुए टिकट जांच अभियान को और तेज कर दिया है। इसका परिणाम यह रहा कि 1 जून 2026 से 9 जुलाई 2026 के बीच बिना टिकट या अनुचित टिकट के साथ यात्रा करने वाले 2.10 लाख यात्रियों से 13.13 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
1 जून 2026 से 19 जून 2026 तक टिकट जांच दलों ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा के 1.14 लाख मामलों का पता लगाया। उस अवधि में न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये होने के कारण कुल 6.15 करोड़ रुपये की वसूली की गई। यात्रियों को वैध टिकट के बिना यात्रा करने से रोकने और टिकट संबंधी नियमों के पालन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय ने 19 जून 2026 से बिना टिकट यात्रा पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया।
जुर्माने में वृद्धि के बाद भी मुंबई मंडल ने टिकट जांच अभियान को लगातार जारी रखा। 20 जून 2026 से 9 जुलाई 2026 के दौरान टिकट जांच टीमों ने 96,026 मामलों का पता लगाया और 6.98 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। मध्य रेलवे के अनुसार, बढ़े हुए जुर्माने का स्पष्ट निवारक प्रभाव देखने को मिला है।
मध्य रेलवे वर्तमान में वातानुकूलित उपनगरीय लोकल की 120 सेवाएं संचालित कर रहा है। एसी उपनगरीय लोकल और प्रथम श्रेणी के डिब्बों में बिना टिकट यात्रा रोकने के लिए नियमित जांच के अलावा विशेष टिकट जांच अभियान भी चलाए जाते हैं। कुल वसूले गए जुर्माने में एसी उपनगरीय लोकल के 18,756 मामलों से 78.31 लाख रुपये तथा प्रथम श्रेणी के डिब्बों में पकड़े गए 13,198 मामलों से 53.31 लाख रुपये की वसूली शामिल है।
मध्य रेलवे ने कहा कि लगातार चलाए जा रहे ऐसे अभियान बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने, रेलवे के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार यात्रा की संस्कृति विकसित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुंबई मंडल मेल-एक्सप्रेस और उपनगरीय लोकल ट्रेनों में समय-समय पर विशेष टिकट जांच अभियान संचालित करता है। इन अभियानों के माध्यम से न केवल अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है, बल्कि अन्य यात्रियों को भी बिना टिकट यात्रा करने से प्रभावी रूप से हतोत्साहित किया जाता है।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि वैध टिकट के बिना यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत अपराध है और इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। बिना टिकट यात्रा से रेलवे के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जबकि यही राजस्व यात्रियों की सुविधाओं, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास पर खर्च किया जाता है।
मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा और जुर्माने से बचने के लिए हमेशा उचित एवं वैध टिकट लेकर सम्मानपूर्वक और जिम्मेदारी के साथ यात्रा करें। रेलवे ने बिना टिकट यात्रा के प्रति अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति दोहराते हुए कहा है कि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक बनाए रखने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह प्रेस विज्ञप्ति 16 जुलाई 2026 को जारी की गई। प्रेस विज्ञप्ति क्रमांक 2026/07/38 के अनुसार इसे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से जारी किया है।

Pratahkal Bureau
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