मुंबई, 12 अगस्त 2026। मुंबई उपनगरीय रेल सेवाओं में सुधार की दिशा में सरकार ने एसी लोकल ट्रेनों की उपलब्धता तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुंबई के लिए मंजूर 238 अतिरिक्त एसी उपनगरीय रेकों का निर्माण अब तीन रेलवे उत्पादन इकाइयों में एक साथ किया जाएगा। इस समानांतर निर्माण रणनीति के तहत पहला एसी रेक 2027 में उपलब्ध होने की उम्मीद है, जबकि पूरे 238 रेकों के बेड़े को 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार मुंबई उपनगरीय रेल व्यवस्था में सुधार के लिए दोहरी रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत एक ओर उपनगरीय रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर एसी लोकल ट्रेनों को तेजी से शामिल करने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।

उपनगरीय रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नए कॉरिडोर, अतिरिक्त रेल लाइनों, 15-कोच ट्रेनों के परिचालन के लिए प्लेटफॉर्मों के विस्तार और यार्ड पुनर्संरचना जैसे क्षमता-वृद्धि कार्यों पर करीब ₹22,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इसी बुनियादी ढांचा विस्तार के साथ मुंबई के लिए 238 अतिरिक्त एसी उपनगरीय रेकों को मंजूरी दी गई थी और उनकी खरीद प्रक्रिया शुरू की गई थी।

हालांकि, टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के माध्यम से खरीद की समय-सीमा के आकलन में सामने आया कि रेकों की श्रृंखलाबद्ध आपूर्ति शुरू होने में करीब तीन वर्ष लगेंगे। इस स्थिति में पहला रेक 2030 तक उपलब्ध हो पाता और पूरे बेड़े की आपूर्ति 2034 तक पूरी होती।

मुंबई उपनगरीय रेल को शहर की जीवनरेखा माना जाता है और मुंबईकरों को एसी ट्रेनों का लाभ जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की जरूरत को देखते हुए अब 238 रेकों के निर्माण को तीन रेलवे उत्पादन इकाइयों में एक साथ कराने का निर्णय लिया गया है। इनमें इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई, रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला और मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF), रायबरेली शामिल हैं।

समानांतर निर्माण रणनीति से 238 एसी रेकों में से पहला रेक 2027 में ही उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके साथ ही पूरे बेड़े को 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रणनीति से पहले तय समयसीमा की तुलना में एसी रेकों की उपलब्धता को काफी पहले सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

एमआरवीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री विलास एस. वाडेकर ने कहा, “संशोधित रणनीति का उद्देश्य एसी रेकों को शामिल करने की प्रक्रिया को नए कॉरिडोर, अतिरिक्त रेल लाइनों तथा अन्य क्षमता-वृद्धि कार्यों के चालू होने के साथ समन्वित करना है, ताकि मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाओं में जल्द से जल्द व्यापक सुधार लाया जा सके। मुंबई लोकल केवल परिवहन का साधन नहीं है; यह मुंबई की जीवनरेखा और शहर के रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए त्वरित निर्माण रणनीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एसी उपनगरीय यात्रा का लाभ मुंबईकरों तक काफी पहले पहुंच सके।”

एमआरवीसी के अनुसार, नेटवर्क क्षमता के समानांतर विस्तार और 238 एसी रेकों को तेजी से शामिल करने की यह पहल मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और अधिक क्षमता-संपन्न बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति मुंबई रेलवे विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से जारी की गई है। इसे सुनील जी. उदासी, ओएसडी एवं चीफ मैनेजर (कॉरपोरेट कोऑर्डिनेशन), मुंबई रेलवे विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड ने जारी किया। प्रेस विज्ञप्ति में संपर्क के लिए cpro@mrvc.gov.in और +91 9987690007 दिया गया है।

Pratahkal Newsroom

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