खंडवा स्टेशन पर मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी रिसाव, रेल कर्मी की सतर्कता से टला हादसा
ट्रेन मैनेजर हिमांशु अग्रवाल ने पकड़ी गैस लीकेज, बीपीसीएल और रेलवे की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रूप से वैगन अलग कर टाला बड़ा संकट।

मध्य रेलवे के भुसावल मंडल स्थित खंडवा स्टेशन पर रविवार, 12 अप्रैल 2026 को एक बड़ी रेल दुर्घटना होने से बाल-बाल बच गई। यह संभव हो सका इटारसी के ट्रेन मैनेजर श्री हिमांशु अग्रवाल की कर्तव्यपरायणता और तीक्ष्ण दृष्टि से, जिन्होंने स्टेशन पर मालगाड़ी के आगमन के तुरंत बाद एलपीजी से लदे एक वैगन में हो रहे खतरनाक गैस रिसाव को पहचान लिया। उनकी इस त्वरित सजगता ने न केवल रेलवे की संपत्ति को सुरक्षित रखा, बल्कि एक भयावह त्रासदी को भी समय रहते टाल दिया।
रिसाव का पता चलते ही बिना एक क्षण गंवाए श्री अग्रवाल ने संबंधित विभागों को अलर्ट किया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने युद्ध स्तर पर मोर्चा संभाला। तत्काल कार्रवाई करते हुए कोचिंग एवं वैगन विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को सूचित किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोचिंग एवं वैगन टीम ने मौके पर गहन जांच की और संबंधित वैगन को तकनीकी रूप से "सिक" घोषित कर दिया। सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गाड़ी को नियंत्रित (डेड) किया गया। संयुक्त बचाव दल ने गैस के प्रभाव को कम करने के लिए लीकेज वाले वैगन को गीले कंबलों और जूट के बोरों से ढंक दिया।
अत्यधिक सावधानी बरतते हुए रिसाव वाले वैगन को शेष रेक से काटकर अलग किया गया और डाउन लाइन नंबर 08 पर सुरक्षित रूप से खड़ा कर दिया गया, जबकि शेष मालगाड़ी को पूरी सुरक्षा के साथ गंतव्य के लिए रवाना किया गया। किसी भी संभावित चिंगारी से होने वाले विस्फोट को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर डाउन लाइन नंबर 06, 07 और 08 की ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। इसके पश्चात पीतमपुर से पहुंची भारत पेट्रोलियम की विशेषज्ञ मेंटेनेंस टीम ने खंडवा स्टेशन पर रिसाव को सफलतापूर्वक पूरी तरह नियंत्रित किया। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर उसे सील कर दिया ताकि आम नागरिकों और रेल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस आपातकालीन स्थिति के दौरान यात्री सुरक्षा हेतु अस्थायी रूप से ट्रेन संचालन केवल प्लेटफॉर्म नंबर 6 तक सीमित रखा गया। यात्रियों की सहायता के लिए उद्घोषणा प्रणाली और सहायता बूथों के माध्यम से निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी न मचे। सुधार कार्य संपन्न होने के उपरांत प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 6 तक सामान्य यातायात बहाल कर दिया गया। रेलवे प्रशासन का यह उत्कृष्ट समन्वय और तत्परता सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से ट्रेन मैनेजर श्री हिमांशु अग्रवाल की सतर्कता इस पूरे घटनाक्रम में नायक की भूमिका में रही, जिसकी चहुंओर सराहना की जा रही है।

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