कटोसण रोड–रणुज रेलखंड पर 11 जुलाई को 120 किमी रफ्तार से होगा ट्रायल, यात्री सेवाओं की राह में बड़ा कदम
कटोसण रोड–रणुज रेलखंड पर 09 से 11 जुलाई तक सीआरएस संरक्षा निरीक्षण और 120 किमी प्रति घंटे का स्पीड ट्रायल होगा, जिसके बाद यात्री रेल सेवाओं का रास्ता खुल सकता है।

तस्वीर में दिख रहे रेलवे अधिकारी कटोसण रोड–रणुज रेलखंड के निरीक्षण के दौरान पूजा-अर्चना करते, पटरियों का पैदल जायजा लेते और मोटर ट्रॉली पर सवार होकर जांच करते हुए।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में रेल अवसंरचना विकास के तहत कटोसण रोड–रणुज (63 किलोमीटर) रेलखंड पर 09 से 11 जुलाई, 2026 तक रेल संरक्षा आयुक्त (Commission of Railway Safety) द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया जा रहा है। यह निरीक्षण इस रेलखंड पर यात्री रेल सेवाओं के शुभारंभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 09 और 10 जुलाई, 2026 को मोटर ट्रॉली के माध्यम से पूरे रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 11 जुलाई, 2026 को इस रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से इंजन स्पीड ट्रायल किया जाएगा। निरीक्षण अवधि के दौरान रेलखंड पर उच्च गति से ट्रेन का संचालन होगा।
संरक्षा निरीक्षण दल में रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिम सर्कल) श्री ई. श्रीनिवास, मंडल रेल प्रबंधक अहमदाबाद श्री वेद प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री प्रदीप गुप्ता, डायरेक्टर गुजरात रेल अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (G-RIDE) श्री राजकुमार, जनरल मैनेजर (सिविल) G-RIDE श्री शिवेन्द्र कुमार, मुख्य ट्रैक इंजीनियर, मुख्य परिचालन प्रबंधक (जी) तथा निर्माण एवं ओपन लाइन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
रेल संरक्षा आयुक्त इस परिवर्तित ब्रॉडगेज रेलखंड को यात्री यातायात के लिए स्वीकृति प्रदान करने से पहले ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नलिंग व्यवस्था, पुलों, ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) प्रणाली, इंटरलॉकिंग, ट्रैक फिटिंग, बैलास्ट, OHE की ऊँचाई सहित सभी संरक्षा मानकों का विस्तृत परीक्षण करेंगे। इसके साथ ही रेलखंड पर अधिकतम सुरक्षित गति का भी परीक्षण किया जाएगा।
मंडल रेल प्रबंधक अहमदाबाद श्री वेद प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में इस रेलखंड पर केवल मालगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीआरएस निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद इस मार्ग पर यात्री रेल सेवाएं प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे क्षेत्र के यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल यात्रा उपलब्ध होगी तथा उत्तरी गुजरात के ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि इस रेलखंड के अंतर्गत बेचराजी, खांभेल और चाणसमा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन आते हैं, जो महेसाणा और पाटण जिलों के प्रमुख केंद्र हैं। यात्री रेल सेवाएं शुरू होने से स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को बेहतर तथा किफायती आवागमन सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रसिद्ध बेचराजी मंदिर में दर्शन और मेले में भाग लेने आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका विशेष लाभ मिलेगा।
यह परियोजना क्षेत्र की कृषि, लघु उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगी। किसानों को अपने कृषि उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे की आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण होगी, जो राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
संरक्षा की दृष्टि से आम नागरिकों से अपील की गई है कि 09 से 11 जुलाई, 2026 के दौरान निरीक्षण अवधि में रेल पटरियों और उनके आसपास के क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा किसी भी परिस्थिति में रेल लाइन पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि इस अवधि में रेलखंड पर उच्च गति से ट्रेन का संचालन किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
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