कटिहार-सोनैली और कटिहार-कुरेठा रेलखंड के बीच जारी दोहरीकरण का कार्य अब रेल यात्रियों की यात्रा में बड़े बदलाव का कारण बन गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण कार्य हेतु नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है, जिसका सीधा असर लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा है। इस तकनीकी कार्य की गंभीरता को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्री सुरक्षा और परिचालन सुगमता के मद्देनजर ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गाड़ी संख्या 15623 भगत की कोठी-कामाख्या एक्सप्रेस, जो आगामी 16 जून, 2026 को अपने प्रस्थान बिंदु भगत की कोठी से रवाना होगी, वह अपने निर्धारित पारंपरिक मार्ग के स्थान पर परिवर्तित मार्ग से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन अब कटिहार-कुमेदपुर-मुकुरिया मार्ग का अनुसरण करेगी। रेल प्रशासन द्वारा किए गए इस फेरबदल के कारण उक्त तिथि को यह रेलसेवा सोनैली स्टेशन पर अपना ठहराव नहीं करेगी। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोहरीकरण का यह कार्य भविष्य में रेल परिचालन को अधिक गति और दक्षता प्रदान करने के लिए अनिवार्य है, हालांकि इस अल्पकालिक असुविधा के चलते यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में आवश्यक बदलाव करने की सलाह दी गई है। यह कदम बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम पड़ाव है, जो आगामी समय में क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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