कश्मीरी सेब पहुंचे सीधे बाजार रेलवे ने शुरू की रैपिड कार्गो ट्रेन
भारतीय रेलवे ने कश्मीर के फल उत्पादकों के लिए शुरू की रैपिड कार्गो ट्रेन समय पर पहुंचेगा सेब और सब्जियों का माल

कश्मीर घाटी के छोटे किसानों और फल उत्पादकों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब उनकी मेहनत से उगाई गई फसलें समय पर देश के बड़े बाजारों तक पहुँच सकेंगी। इसके लिए रेलवे ने रैपिड कार्गो ट्रेन सेवा की शुरुआत की है, जो कश्मीर घाटी से दिल्ली तक नाशवान फलों और सब्जियों को जल्दी और सुरक्षित पहुँचाएगी।
नई ट्रेन सेवा JPP-RCS के तहत शुरू की गई है और यह बडगाम–आदर्श नगर–बडगाम (BDGM–ANDI–BDGM) मार्ग पर चलेगी। इस सेवा की शुरुआत आदर्श नगर से 13 सितंबर 2025 को दोपहर 12:10 बजे और बडगाम से 15 सितंबर 2025 को सुबह 6:15 बजे होगी। रेलवे का कहना है कि इस कदम से कश्मीर घाटी के किसानों को अपनी उपज सही समय पर बाजारों तक भेजने की सुविधा मिलेगी।
ट्रेन की विशेषताएँ :
यह रैपिड कार्गो ट्रेन 8 पार्सल वैन और 1 SLR डिब्बे के साथ चलेगी। बाड़ी ब्राह्मण (BBMN) स्टेशन पर किसानों और व्यापारियों को लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा दी जाएगी। किसानों और फल उत्पादकों को सुविधा देने के लिए रेलवे ने पंजीकृत JPP-RCS एग्रीगेटर्स को ऑनलाइन पोर्टल (www.fois.indianrail.gov.in) पर पंजीकरण की सुविधा दी है। ट्रेन का शेड्यूल भी किसानों को ध्यान में रखकर तय किया गया है। यह ट्रेन सुबह 6:15 बजे बडगाम से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 5:30 बजे दिल्ली के आदर्श नगर स्टेशन पहुँचेगी। इस तरह से सेब और अन्य फल सुबह-सुबह ही मंडियों में पहुँच सकेंगे और किसानों को बेहतर दाम मिल पाएंगे।
रेलवे की तैयारी :
भारतीय रेलवे ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पार्सल वैन उपलब्ध कराई जाएँगी और माँग बढ़ने पर ट्रेनों का आकार भी बढ़ाया जाएगा। सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे अधिकारी लगातार राज्य प्रशासन, बागवानी विभाग और फल उत्पादक संगठनों के साथ संपर्क में हैं। उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक और जम्मू के मंडल रेल प्रबंधक भी इस सेवा पर नजर रखे हुए हैं।
किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ :
रेलवे की यह पहल कश्मीर घाटी के किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। अक्सर फलों और सब्जियों की देर से डिलीवरी के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। अब रैपिड कार्गो ट्रेन से समय की बचत होगी और उनकी उपज सीधी उपभोक्ताओं तक पहुँचेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
हाल की पहलें :
गौरतलब है कि रेलवे ने इससे पहले 9 अगस्त 2025 को पंजाब से कश्मीर के अनंतनाग तक सीमेंट पहुँचाने वाली पहली मालगाड़ी भी चलाई थी। लगातार उठाए जा रहे ये कदम दर्शाते हैं कि रेलवे कश्मीर में उद्योग और कृषि उत्पादों के लिए एक भरोसेमंद परिवहन साधन बनता जा रहा है। भारतीय रेलवे की रैपिड कार्गो ट्रेन सेवा कश्मीर के फल और सब्जी उत्पादकों को नई उम्मीद दे रही है। अब किसानों को अपनी उपज समय पर और सुरक्षित तरीके से देश के बड़े बाजारों तक पहुँचाने का साधन मिल गया है। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताज़ा उत्पाद समय पर मिल सकेंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
